भारत में जन्मे उद्योगपति शरद टाक की कंपनी एसटी एलएनजी अमेरिका के टेक्सास में 8.2 अरब डॉलर की लागत से लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) पोर्ट बनाएगी। ट्रंप प्रशासन ने बंदरगाह बनाने की मंजूरी दे दी है। गहरे पानी का यह पोर्ट टेक्सास के माटागोर्डा से करीब 10.4 मील की दूरी पर स्थित होगा। मेरिकी परिवहन विभाग के मुताबिक अगले साल से परियोजना निर्माण शुरू होगा और दो साल यानी 2029 तक में शुरू होने की उम्मीद है।
परिवहन विभाग के मुताबिक एलएनजी पोर्ट तैयार होने से अमेरिका की एलएनजी एक्सपोर्ट क्षमता 79 फीसद तक बढ़ सकती है। इसके अलावा 2,000 निर्माण क्षेत्र में नौकरियां और 855 स्थायी जॉब्स पैदा होने की उम्मीद है।
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हजारों नौकरियां पैदा होंगी
एसटी एलएनजी के संस्थापक और सीईओ शरद टाक ने कहा कि प्रोजेक्ट पर 8.2 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा। इसकी सालाना 8.4 मिलियन टन एलएनजी निर्यात क्षमता होगी और निर्माण और पोर्ट के शुरू होने से हजारों अमेरिकी नौकरियों के साथ एसटी एलएनजी अमेरिका की ऊर्जा सुरक्षा में योगदान देगा।
अमेरिका ने लाइसेंस प्रक्रिया बनाई आसान
करीब 10 महीने पहले ही अमेरिका के परिवहन मंत्री सीन डफी ने एलान किया था कि मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन (MARAD) यूएस कोस्ट गार्ड से गहरे पानी के पोर्ट लाइसेंसिंग की देखरेख का काम अपने हाथ में ले लेगा। पर्यावरण समीक्षा को आसान बनाने के साथ-साथ लाइसेंस मंजूरी में तेजी लाएगा। इसी हफ्ते उन्होंने बताया कि एसटी एलएनजी मामले में मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन ने 410 दिनों में अंतिम पर्यावरण प्रभाव आकलन रिपोर्ट तैयार कर ली। आम तौर पर इस प्रक्रिया में 5 वर्ष तक का समय लगता है।
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पोर्ट में क्या-क्या होगा?
शरद टाक का जन्म भारत में हुआ है। उनके इस पोर्ट में 20 प्लेटफॉर्म होंगे। एलएनजी के भंडारण के लिए चार तैरती यूनिट होंगी। चार जहाज बांधने की प्रणालियां और 7.7 मील लंबी पाइपलाइन होगी। यूएस- इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम के अध्यक्ष मुकेश अघी ने प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलने का स्वागत किया। उनका कहना है कि यह प्रोजेक्ट भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा।
