भारत-नेपाल की खुली सीमा का फायदा उठाकर नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ नेपाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। भारत-नेपाल सीमा पर नशे के कारोबार पर बड़ी चोट लगी है। नेपाल के वीरगंज में 100 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ तीन भारतीय युवकों को गिरफ्तार किया गया है। तीनों आरोपी बिहार के पूर्णिया जिले के रहने वाले हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नशे की यह खेप कहां से आई, कहां पहुंचानी थी और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क है या नहीं।
जिला पुलिस पर्सा के अनुसार, कार्रवाई वीरगंज महानगरपालिका के वार्ड नंबर 16 स्थित माई धिया पोखरी के सामने सड़क पर की गई। पुलिस की टीम इलाके में राउंड पर थी इसी दौरान तीन युवक पैदल जाते दिखाई दिए। उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोककर पूछताछ की और तलाशी ली। तलाशी के दौरान तीनों के पास से करीब 100 ग्राम ब्राउन शुगर जैसा दिखने वाला पदार्थ बरामद हुआ। संदिग्ध नशीला पदार्थ मिलने के बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेते हुए तीनों युवकों को हिरासत में ले लिया।
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तलाशी में मिला ब्राउन शुगर
शुरू में तीनों युवकों ने गोल-मोल जवाब दिया। कभी कहा कि घूमने आए हैं तो कभी कहा कि किसी दोस्त से मिलने जा रहे हैं। उनके जवाबों में विरोधाभास मिलने पर पुलिस ने उनकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान एक युवक की जेब से छोटा पैकेट मिला जिसमें भूरे रंग का पाउडर था। दो अन्य युवकों के पास से भी इसी तरह के पैकेट मिले। कुल मिलाकर करीब 100 ग्राम ब्राउन शुगर जैसा दिखने वाला पदार्थ बरामद हुआ। पुलिस ने तुरंत तीनों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। बरामद पदार्थ की प्रकृति की पुष्टि की जा रही है और इसी के साथ मामले की जांच भी आगे बढ़ाई जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के पूर्णिया जिले के सदर थाना क्षेत्र के हाजिरगंज-45 निवासी कृष्णा कुजुर, आशीष कुजुर और रामबाग डाइवर टोल-30 निवासी आदित्य राज तिगा के रूप में हुई है। तीनों भारतीय नागरिक हैं और पूर्णिया के रहने वाले बताए गए हैं। उनकी उम्र 18 से 19 साल के बीच है। पुलिस के अनुसार, तीनों युवक पूर्णिया से वीरगंज आए थे। पुलिस प्रवक्ता चक्रबहादुर मल्ल ने बताया कि बरामद संदिग्ध नशीला पदार्थ को कब्जे में लेकर तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। तीनों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। शुरुआती पूछताछ में तीनों ने बताया कि वे पहली बार वीरगंज आए हैं लेकिन पुलिस उनके बयान की भी जांच कर रही है। पुलिस उनके मोबाइल फोन भी खंगाल रही है ताकि पता चल सके कि वे किस-किस के संपर्क में थे।
पुलिस के अनुसार, 100 ग्राम ब्राउन शुगर की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये है। भारत में इसकी कीमत करीब 10 से 15 लाख रुपये बताई जा रही है जबकि विदेश में इसकी कीमत और भी ज्यादा हो सकती है। इतनी मात्रा में ब्राउन शुगर जैसा पदार्थ मिलने के बाद पुलिस को शक है कि इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क हो सकता है।
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नेटवर्क और तस्करी के रास्ते की तलाश
जांच का अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि यह पदार्थ कहां से हासिल किया गया था और तीनों युवक इसे लेकर कहां जा रहे थे। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि तीनों सिर्फ कैरियर के तौर पर काम कर रहे थे या खुद भी तस्करी में शामिल हैं। इसके साथ ही उनके संपर्कों और संभावित नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा पर ब्राउन शुगर की तस्करी लंबे समय से हो रही है। नेपाल के रास्ते यह खेप भारत में लाई जाती है और फिर बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक पहुंचाई जाती है। कई बार बिहार से भी नेपाल में ब्राउन शुगर भेजे जाने की बात सामने आई है। खुली सीमा होने के कारण तस्करों को इसका फायदा मिलता है। वह पैदल या साइकिल से सीमा पार कर जाते हैं और कई बार पुलिस को इसकी जानकारी नहीं मिल पाती। इस मामले में पर्सा पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद खेप पूर्णिया से लाई गई थी या वीरगंज में ही किसी ने तीनों युवकों को दी थी।
भारत-नेपाल सीमा पर हुई इस बरामदगी के बाद पुलिस की जांच अब नशे की संभावित सप्लाई चेन तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद ही पता चल सकेगा कि तीनों युवक केवल संदिग्ध पदार्थ लेकर जा रहे थे या उनके तार किसी बड़े नशीले पदार्थ नेटवर्क से जुड़े हैं।
फिलहाल पर्सा पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। नेपाल पुलिस ने तीनों के खिलाफ नशीले पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा और आगे पूछताछ की जाएगी। इसके अलावा पुलिस ने भारतीय दूतावास को भी गिरफ्तारी की जानकारी दे दी है। पूर्णिया पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि तीनों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड है या नहीं। पूर्णिया एसपी ने कहा है कि अगर नेपाल पुलिस को किसी तरह की मदद की जरूरत होगी तो बिहार पुलिस सहयोग करेगी।
