अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अक्सर गिनवाते हैं कि उन्होंने 7-8 युद्ध रुकवा दिए। रविवार को भी उन्होंने ऐसा ही एक दावा किया कि रूस और यूक्रेन 'एनर्जी सीजफायर' के लिए तैयार हो गए हैं। इसके बावजूद रूस ने इसे धता बता दिया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी अपने संबोधन में इसी की आशंका जताई थी। उन्होंने इस फैसला का स्वागत करते हुए कहा था कि रूस को भी इसका प्लान करना चाहिए। प्लान था कि दोनों देश एक-दूसरे के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना नहीं बनाएंगे। इसके बावजूद रूस ने यूक्रेन के खारकीव में स्थित एक पावर प्लांट पर हमला किया है।
डोनाल्ड ट्रंप की यह घोषणा तब सामने आई थी, जब एक दिन पहले ही उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को रूस में डीजल रिफाइनरी पर हमला करने और वैश्विक स्तर पर ईंधन की कमी के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया था। इस युद्ध के दौरान रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को बार-बार निशाना बनाते रहे हैं।
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अब कहां हुआ है हमला?
इस 'सीजफायर' के एलान के बाद यूक्रेन के खारकीव में स्थित पावर प्लांट CHP-5 पर कम से कम 2 बार हमला किया गया। इसकी पुष्टि राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी की है और कहा है कि ये हमले राष्ट्रपति ट्रंप की घोषणा के बाद किए गए हैं।
ट्रंप ने क्या कहा था?
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लिखा था, 'रूस और यूक्रेन के युद्ध के बीच एनर्जी सीजफायर हो गया है और यह तत्काल लागू हो रहा है। दोनों पक्ष इस पर राजी हैं। अब इसे मत तोड़ना। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।'
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ट्रंप के एलान के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शाम को दिए गए संबोधन में कहा कि उनका देश इस घोषणा का स्वागत करता है। उन्होंने कहा, ‘आज अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने पर सहमति बन गई है। यह सभी के लिए अच्छी खबर है और यह महत्वपूर्ण है कि इस पर अमल हो। यूक्रेन अब रूसी ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले करने से परहेज करने के लिए तैयार है और हम रूस से भी इसी तरह की तत्परता की उम्मीद करते हैं।’ हालांकि, रूस की तरफ से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
