कोलंबिया ने ईरान से राजनयिक संबंध तोड़ लिए हैं। ईरान ने उसके इस कदम की आलोचना की और तमाम आरोपों का खंडन किया। कोलंबिया का आरोप है कि नार्को-टेररिज्म और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय आतंकी समूहों के साथ तेहरान के रिश्ते हैं। यह कोलंबिया की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।
जवाब में ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि कोलंबिया के आरोप बेबुनियाद हैं। कोलंबिया खुद ही ड्रग्स के उत्पादन और कार्टेल से जूझ रहा है। उसे ड्रग्स और आतंकवाद पर उपदेश देने का कोई अधिकार नहीं है।
अलग-थलग पड़ रहा ईरान
कोलंबिया ने यह कदम उस वक्त उठाया, जब ट्रंप प्रशासन तेहरान को वैश्विक स्तर पर अलग-थलग करने की रणनीति पर काम कर रहा है। हाल ही में ईरानी एयरलाइंस पर प्रतिबंध लगाया। इसके बाद तमाम देशों ने ईरानी एयरलाइंस के संचालन को निलंबित कर दिया है।
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किसे बनाया संबंध तोड़ने का आधार?
अपने बयान में कोलंबिया ने कहा अपनी विदेश नीति की प्राथमिकताओं के तहत अंतरराष्ट्रीय अपराध के खिलाफ लड़ाई और राष्ट्रीय सुरक्षा के कारण कल तेहरान से संबंध तोड़ लिए है। मानवाधिकारों के उल्लंघन, मध्य-पूर्व संघर्ष में शामिल न होने वाले देशों पर हमलों के साबित होने, होर्मुज नाकेबंदी और ईरानी अधिकारियों के अपने परमाणु कार्यक्रम के अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण में बाधा पहुंचाने जैसी बातों को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया है।
इजरायल से सुधरे रिश्ते तो ईरान से बिगड़े
कोलंबिया ने दो साल पहले इजरायल पर गाजा में मानवसंहार का आरोप लगाया था। इजरायल के साथ सभी राजनयिक संबंध तोड़ लिए थे। उस वक्त कोलंबिया में गुस्तावो पेट्रो का शासन था। इसी साल 7 अगस्त हो हुए कोलंबियाई चुनाव में पेट्रो की हार हुई और डी ला एस्प्रीएला नए राष्ट्रपति बने। उनके सत्ता में आते ही कोलंबिया ने अपनी विदेश नीति में बड़ा बदलाव किया। इजरायल के साथ राजनयिक संबंधों को बहाल किया। अमेरिका से भी नजदीकी बढ़ाई। कोलंबिया ने गोलान हाइट्स पर इजरायल की संप्रभुता को मान्यता भी दी।
कोलंबिया में बढ़ रहा इजरायल का प्रभाव
कोलंबिया के एक एलान से तेहरान के साथ 26 साल पुराने राजनयिक संबंधों का अंत हो गया। 28 अप्रैल साल 1975 में पहली बार कोलंबिया और ईरान ने राजनयिक संबंधों की स्थापना की थी। दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया आज इजरायली प्रभाव में है। वह महाद्वीप में इजरायल का सबसे बड़ा सहयोगी बनाना की दिशा में बढ़ रहा है।
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राजनयिक संबंध टूटने के बावजूद कोलंबिया में ईरान के वाणिज्य दूतावास पहले के जैसे काम करते रहेंगे। कोलंबिया के विदेश मंत्रालय ने बताया कि 1961 के वियना राजनयिक संबंध सम्मेलन और 1963 के वियना वाणिज्य दूतावास संबंध सम्मेलन के प्रावधानों के तहत वाणिज्य दूतावास संबंध पहले जैसे बने रहेंगे।
