रावलपिंडी से इस्लामाबाद तक गुरुवार की रात भारी गहमागहमी थी। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल शिफ्ट किया जाना था। अस्पताल के बाहर और सड़कों पर जगह-जगह इमरान के समर्थक जुटे थे। ऐन वक्त में पाकिस्तान सरकार ने अस्पताल बदल दिया। निजी अस्पताल शिफा इंटरनेशनल की जगह सरकारी पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल ले जाया गया। बता दें कि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट होने का आदेश दिया था।

 

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने बताया कि इस्लामाबाद में इमरान खान के स्वास्थ्य की जांच की गई। मेडिकली फिट घोषित होने के बाद उन्हें शुक्रवार सुबह 5 बजे वापस जेल भेज दिया गया। बता दें कि इमरान खान के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में दावा किया था कि उनकी दाईं आंख की रोशनी कम हो रही है और सेहत भी लगातार गिर रही है।  

 

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क्यों अचानक बदला अस्पताल?

अताउल्लाह तरार ने कहा कि नेत्र रोग विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ समेत डॉक्टरों की एक टीम ने इमरान खान की सेहत की जांच की। उनकी बहन उज्मा भी टेस्ट के दौरान मौजूद थीं। गहन जांच के बाद इमरान खान को मेडिकली फिट पाया गया। अस्पताल बदलने के सवाल पर उन्होंने बताया कि पहले से तय मार्ग पर पीटीआई कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के कारण अस्पताल बदलना पड़ा।

इमरान को हुई 17 साल की सजा

इमरान खान साल 2023 से जेल में है। इससे पहले फरवरी महीने में उन्हें जेल से बाहर हेल्थ चेकअप के लिए लाया गया था। पिछले साल इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में 17 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। लंबे समय से उनके समर्थक रिहाई की मांग उठा रहे हैं। हाल ही में इमरान खान की बहनों और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी की अगुवाई में पूरे पाकिस्तान में विरोध मार्च भी निकाला गया था।  

 

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन: पीटीआई

शुक्रवार की रात इमरान खान और उनकी पार्टी के समर्थक शिफा इंटरनेशनल अस्पताल के बाहर जुटे थे। लगातार लोगों को हुजूम उमड़ रहा था। कोई फूल बरसा रहा थो तो कोई नारेबाजी कर रहा था। सभी नजर शिफा अस्पताल और इमरान खान के काफिले पर थी। मगर सरकार ने अचानक अस्पताल बदल दिया। अब पीटीआई ने सरकार पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के उल्लंघन का आरोप लगाया है।