दिवाली पर हम तरह-तरह की मिठाइयों खाते हैं। इन मिठाइयों में रिफाइंड शुगर, घी, मावा और सैचुरेटेड फैट हो सकता है। इन मिठाइयों को नियमित या अधिक मात्रा में खाने से कैलौरी बढ़ती है जिससे वजन बढ़ने और शरीर में फैट जमा होने का खतरा रहता है। अगर आप जरूरत से ज्यादा मिठाइयां खाते हैं तो शरीर में शुगर का लेवल एकदम से बढ़ जाता है। इसके अलावा अपच और गैस की समस्या भी हो सकती है क्योंकि ये मिठाइयां शुद्ध तरीके से नहीं बनाई जाती है।

 

कई लोग दिवाली की मिठाइयों को हफ्ते भर तक फ्रीज में रखकर खाते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि मावा से बनी मिठाइयों में मॉश्चर कॉन्टेंट ज्यादा होता है। इस वजह से एक या दो दिनों तक मावे वाली मिठाइयां सुरक्षित रहती है। अगर आप भी लंबे समय तक मिठाइयों को फ्रीज में रखकर खाते हैं तो आज ही इस आदत को बदलें। यह आदत आपके सेहत के लिए नुकसानदायक है। इस बारे में हमने डाइटिशियन और न्यूट्रीप्लस की डायरेक्टर डॉक्टर अंजलि फाटक से बात की।

 

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हफ्तों तक दिवाली की मिठाई खाना कितना खतरनाक?

मिठाइयों को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखना सुरक्षित नहीं है। विशेषकर मावा, दूध और खोया से बनी मिठाइयों में बैक्टीरिया पनपने की आशंका रहती है। इनकी खराब होने की गति तापमान, नमी और भंडारण पर निर्भर करती है। इसलिए मिठाइयों को सही तरीके से स्टोर करना और उनकी शेल्फ लाइफ का ध्यान रखना जरूरी है। बदबू, स्वाद या बनावट में बदलाव होने पर उन्हें बिल्कुल न खाएं। केवल देखने या सूंघने से हर बार खराब मिठाई की पहचान नहीं हो सकती।- डाइटिशियन अंजलि फाटक 

1. ब्लड शुगर पर असर: अधिक मीठा खाने से ब्लड ग्लूकोज तेजी से बढ़ सकता है। डायबिटीज और प्री-डायबिटीज के मरीजों के लिए यह विशेष रूप से चिंता का विषय है।
2. वजन बढ़ने का खतरा: लड्डू, बर्फी, काजू कतली, गुलाब जामुन और अन्य मिठाइयों में कैलोरी अधिक होती है। रोजाना थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाने से भी कुल कैलोरी बढ़ जाती है।
3. फैटी लिवर का जोखिम: लंबे समय तक अतिरिक्त कैलोरी और अधिक शुगर का सेवन वजन बढ़ने तथा मेटाबॉलिक समस्याओं को बढ़ावा दे सकता है, जिससे फैटी लिवर का खतरा भी बढ़ सकता है।
4. हार्ट हेल्थ पर प्रभाव: अधिक घी, मावा और संतृप्त वसा वाली मिठाइयों का लगातार सेवन असंतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है और लंबे समय में हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।
5. दांतों की समस्या: बार-बार मीठा खाने से दांतों में कैविटी और अन्य समस्याओं का खतरा बढ़ता है।

 

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कैस रखें सेहत का ख्याल?

  • प्रसाद के नाम पर रोजाना मिठाई खाने की आदत न बनाएं।
  • मिठाई की मात्रा छोटी रखें और कभी-कभार ही खाएं।
  • घर में जरूरत से ज्यादा मिठाइयां जमा न करें।
  • मिठाई के साथ मीठे पेय और अन्य हाई-कैलोरी वाली चीजों का सेवन कम करें।
  • रोजाना संतुलित भोजन में सलाद, हरी सब्जियां, दालें और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें।
  • नियमित शारीरिक गतिविधि और 30 मिनट की वॉक को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
  • डायबिटीज, मोटापा और हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति मिठाई के सेवन को लेकर विशेष सावधानी रखें।