आज कल की भागदौड़ वाली जिंदगी में ज्यादातर लोग सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं। लोगों को नाश्ता छोड़ना मामूली बात लगती है। कुछ लोग इसलिए भी सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं क्योंकि इससे उन्हें लगता है कि वजन घटाने में मदद मिलती है। आप इस तरह की गलती न करें। यह आदत आपके सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है। नाश्ता नहीं करने से शरीर पर क्या-क्या प्रभाव पड़ता है? इसके बारे में न्यूट्रीप्लस की डायरेक्टर और सीनियर क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉक्टर अंजलि फाटक से जानिए।
डॉक्टर अंजिल फाटक ने बताया, 'जब हम रात में खाना खाकर सोते हैं उसके बाद हमारा शरीर 8 से 10 घंटे के लिए प्राकृतिक रूप से भूखा रहता है। ऐसे में अगर आप सुबह का नाश्ता नहीं करेंगे तो मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है। इस वजह से दिनभर थकान, चिड़चिड़ापन महसूस होता है। अगर ये लोग रोजाना ब्रेकफास्ट करते हैं तो शरीर में एनर्जी बनी रहती है, हृदय और दिमाग के लिए ज्यादा फायदेमंद है।'
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नाश्ता नहीं करने से सेहत पर पड़ता है असर
गट हेल्थ खराब रहता है
जो लोग नाश्ता नहीं करते हैं उन्हें पेट फूलना, गैस आदि की समस्या होती है। इसके अलावा इन्हें पेट में अल्सर, कब्ज और पाचन की समस्या रहती है। पेट संबंधी समस्याएं होने की वजह से विटामिन बी12, आयरन समेत अन्य पोषक तत्वों की भी कमी हो सकती है।
ब्लड शुगर को प्रभावित करता है
जो लोग रोजाना ब्रेकफास्ट नहीं करते हैं उन्हें भविष्य में ब्लड शुगर संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। इन लोगों को थकान, चक्कर आता है। ब्लड शुगर लेवल कम होने से इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है।
कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है
नाश्ता नहीं करने से शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है। जब शरीर को लंबे समय तक खाना नहीं मिलता है तो शरीर स्ट्रेस में आ जाता है जिससे फैट का मेटाबॉलिज्म रुक जाता है। इस वजह से शरीर में फैट जमने लगता है। इस कारण चिड़चिड़ापन, एंग्जाइटी, मूड स्विंग और तनाव होता है। तनाव बढ़ने की वजह से बैली फैट बढ़ जाता है।
मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है
जब आप नाश्ता नहीं करते हैं तो मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। इस वजह से कैलोरी बर्न नहीं होती है और शरीर में फैट जमने लगता है। कई रिसर्च में ऐसा दावा किया गया है कि मेटाबॉलिज्म और ओबेसिटी में सीधा संबंध होता है। जब आप बहुत देर तक खाना नहीं खाते हैं तो मीठा खाने की क्रेविंग ज्यादा होती है। मीठे से शरीर में तुरंत एनर्जी मिलती है। ऐसे में व्यक्ति तब तक खाता है जब तक उसे संतुष्टि नहीं होती है। इसके अलावा नाश्ता नहीं करने से घ्रेलिन (भूख का हार्मोन) और लेप्टिन (संतुष्टि का हार्मोन) के बीच में असंतुलन पैदा होता है
हार्ट पर प्रभाव पड़ता है
जो लोग ब्रेकफास्ट नहीं करते हैं उन्हें हाई बीपी, हाई कोलेस्ट्रोल, सूजन आदि की समस्या होती है। अगर बच्चे हैं तो उनका कॉन्सन्ट्रेशन कम हो जाता है। उनकी मेमोरी पर प्रभाव पड़ता है।
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किन लोगों को ब्रेकफास्ट जरूर करना चाहिए?
जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है, प्रेग्नेंट महिलाएं, ऑफिस में काम करने वाली महिलाओं को ब्रेकफास्ट जरूर करना चाहिए।
इसके अलावा जिनका काम बहुत तनावपूर्ण है उन्हें ब्रेकफास्ट जरूर करना चाहिए।
नाश्ते में कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, प्रोटीन, हेल्दी फैट और विटामिन होना चाहिए। मूंग दाल का चिल्ला, ओट्स, स्प्राउट्स, दलिया, दही, फ्रूट्स, सालाद आदि चीजों को शामिल करें।
निष्कर्ष- सुबह का नाश्ता, हार्मोन, मेटाबॉलिज्म और मेंटल हेल्थ को स्वस्थ रखने का मूल मंत्र है। संतुलित आहार लेना बहुत जरूरी है। सुबह का नाश्ता आपके लिए किसी दवाई से कम नहीं है।
