सनस्क्रीन हमारे स्किन केयर रूटीन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका इस्तेमाल कर त्वचा को मॉश्चराइज रख सकते हैं। साथ ही दाग-धब्बे की समस्या को कम कर सकते हैं। सनस्क्रीन के फायदों के बारे में सबको पता है। मार्केट में एसपीएफ 15, 30 और 50 युक्त विभिन्न प्रकार के सनस्क्रीन मिलते हैं। ऐसे में कैसे समझ आएगा कि कौन सा सनस्क्रीन लगाना त्वचा के लिए फायदेमंद है। इस बारे में हमने बेंगलुरु के एस्टर सीएमआई अस्पताल (Aster CMI Hospital) में मेडिकल और कॉस्मेटिक डर्मेटोलॉजी विभाग के सीनियर कंसलटेंट Dr. Shireen Furtado से बात की।
एसपीएफ को 'सन प्रोटेक्शन फैक्टर' कहा जाता है जो मापता है कि कोई भी सनस्क्रीन आपकी त्वचा को सूरज की हानिकारक यूवीबी (UVB) किरणों से कितनी देर तक बचाता है। ये हानिकारण किरणें सनबर्न से लेकर स्किन कैंसर का कारण बन सकती है।
यह भी पढ़ें: स्मॉल, मीडियम, लार्ज साइज आने से पहले कैसे कपड़े खरीदते थे लोग? पढ़िए इतिहास
कौन सा एसपीएफ ज्यादा फायदेमंद है?
एसपीए 15 यूवीबी की 93% किरणों को रोकने का काम करता है, एसपीएफ 30 करीब 97% और एसपीएफ 50 यूवीबी की 98% हानिकारक किरणों को ब्लॉक करने का काम करता है। इन तीनों में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है लेकिन एसपीएफ 50 उन लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद है जो ज्यादा गोरे हैं, जिनका स्किन कैंसर का इतिहास या फिर लंबे समय तक धूप में रहते हैं। हालांकि कोई भी सनस्क्रीन 100% तक यूवी रे को नहीं रोक सकता है। अधिक एसपीएफ का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति लंबे समय तक धूप में नहीं रह सकते हैं। आपको हर दो घंटे में सनस्क्रीन लगाना चाहिए। अधिक धूप में सन ग्लासेस, शेड्स का इस्तेमाल करें।
गर्मी के मौसम में ज्यादातर त्वचा विशेषज्ञ एसपीएफ 30 लगाने की सलाह देते हैं जो यूवीए और यूवीबी से सुरक्षित रखने में मदद करता है। वे लोग जो लंबे समय तक बाहर रहते हैं और उनकी स्किन टोन फेयर है तो उन्हें एसपीएफ 50 लगाना चाहिए। आप अपने स्किन टाइप के हिसाब से सनस्क्रीन लगाएं। जिन लोगों को मुंहासे की समस्या होती है उन्हें जेल बेस्ड सनस्क्रीन लगाएं। अगर आपकी त्वचा ड्राई है तो क्रीम बेस्ड सनस्क्रीन लगाएं। आपको घर से निकलने से 30 पहले सनस्क्रीन लगाना चाहिए।
यह भी पढ़ें: जंग लगे, पेंट वाले या टूटे चाकू का ना करें इस्तेमाल, FSSAI का होटलों को निर्देश
सनस्क्रीन लगाते समय लोग करते हैं ये गलतियां
ज्यादातर लोग लो एसपीएफ वाली सनस्क्रीन खरीदते हैं जो त्वचा को हानिकारक किरणों से बचाने का काम नहीं करता है। कुछ लोग बहुत कम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा अपने कान, गर्दन और हाथों के पीछे भी नहीं लगाते हैं। ज्यादातर लोग दिन में एक बार सनस्क्रीन लगाते हैं। आपको हर 2 से ढाई घंटे पर सनस्क्रीन लगानी चाहिए।
कुछ लोग धूप में सिर्फ सनस्क्रीन लगाते हैं, वे टोपी, सनग्लासेस और हाथों में दस्ताने नहीं पहनते हैं। हर व्यक्ति को कम से कम एसपीएफ 30 वाला सनस्क्रीन लगाना चाहिए। सनस्क्रीन को घर से निकलने से 30 मिनट पहले लगाए। दिन में कम से कम दो या तीन बार सनस्क्रीन लगाना चाहिए।
स्किन टाइप के हिसाब से लगाएं सनस्क्रीन?
हमेशा अपने स्किन टाइप के हिसाब से सनस्क्रीन लगाना चाहिए। जिन लोगों की त्वचा ऑयली या मुंहासे वाली होती है उन्हें लाइटवेट, ऑयल फ्री और जेल बेस्ड सनस्क्रीन लगाना चाहिए। जिन लोगों की सेंसिटिव स्किन है उन्हें जिंक ऑक्साइड और टाइटेनियम ऑक्साइड वाला सनस्क्रीन लगाना चाहिए। इनमें केमिकल कम होता है। ड्राई स्किन वाले लोग क्रीम बेस्ड सनस्क्रीन लगाएं। स्किन टाइप के अलावा कम से कम एसपीएफ 30 वाला सनस्क्रीन लगाना चाहिए जो यूवीए और यूवी बी हानिकारक किरणों से बचाने का काम करते है। अगर आपको त्वचा संबंधी कोई भी समस्याहै तो सनस्क्रीन लगाने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


