हर साल जून महीने के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाया जाता है। इस बार 21 जून को फादर्स डे मनाया जाएगा। यह दिन पिता के प्यार, त्याग, मेहनत और परिवार के प्रति उनके योगदान को सम्मान देने के लिए होता है। इस अवसर पर लोग अपने पिता को शुभकामनाएं देते हैं, गिफ्ट देते हैं और केक काटकर इस दिन को यादगार बनाते हैं लेकिन फादर्स डे को मनाने के पीछे एक बहुत ही दिलचस्प कहानी है। 

 

पिता सिर्फ परिवार की जिम्मेदारियां ही नहीं संभालते, बल्कि बच्चों के जीवन को सही दिशा देने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। फादर्स डे की शुरूआत अमेरिका से हुई थी लेकिन इसकी लोकप्रियता इतनी ज्यादा बढ़ गई कि यह पूरे विश्व में फैल गई।

 

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कैसे हुई फादर्स डे की शुरुआत?

फादर्स डे की शुरुआत अमेरिका से मानी जाती है। इसके पीछे एक दिलचस्प कहानी है। वर्ष 1909 में अमेरिका की सोनोरा स्मार्ट डॉड नाम की महिला ने अपने पिता के सम्मान में एक खास दिन मनाने का विचार रखा। उनके पिता ने अकेले ही अपने छह बच्चों की परवरिश की थी। इसके बाद 19 जून 1910 को पहली बार फादर्स डे मनाया गया। धीरे-धीरे यह परंपरा दुनिया के कई देशों में फैल गई। बाद में अमेरिका में इसे आधिकारिक मान्यता भी मिल गई। आज भारत समेत कई देशों में जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाया जाता है।

क्या है इस दिन का महत्व?

फादर्स डे केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह पिता के प्यार, त्याग, मेहनत और संघर्ष को याद करने का अवसर भी है। यह दिन हमें अपने पिता के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने की प्रेरणा देता है।  

 

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पिछले कुछ वर्षों में फादर्स डे की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। लोग सोशल मीडिया पर अपने पिता के साथ तस्वीरें साझा करते हैं, उन्हें उपहार देते हैं और उनके साथ समय बिताकर इस दिन को खास बनाते हैं। पिता का योगदान किसी एक दिन तक सीमित नहीं होता, लेकिन फादर्स डे उनके प्रति सम्मान और प्रेम व्यक्त करने का एक विशेष अवसर जरूर माना जाता है।