विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से जुड़ी संस्था 'इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर' की GLOBOCAN 2024 रिपोर्ट बताती है कि भारत में हर साल कैंसर के 15 लाख से ज्यादा केस सामने आते हैं। कैंसर के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने देश भर में जिला अस्पतालों में डे केयर कैंसर सेंटर खोलने का फैसला किया था। सरकार ने अगले तीन वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में डे-केयर कैंसर सेंटर बनाने के लिए कुल 3,200 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने लोकसभा में बताया कि 2025-26 के केंद्रीय बजट में यह योजना घोषित की गई थी। इन केंद्रों को तीन साल में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से मिली जानकारी के अनुसार, फिलहाल देश में कुल 524 डे केयर कैंसर सेंटर काम कर रहे हैं।
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किन राज्यों में बेहतर है डे केयर कैंसर सेंटर की सुविधाएं?
आंध्र प्रदेश में 23, मध्य प्रदेश में 52, राजस्थान में 41, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 38-38, गुजरात में 36, तेलंगाना में 34, बिहार और ओडिशा में 32-32, छत्तीसगढ़ में 26, केरल में 28 और उत्तर प्रदेश में 21 केंद्र सक्रिय हैं। कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अभी कोई केंद्र नहीं चल रहा है।
आंध्र प्रदेश के लिए 2025-26 में 14 नए केंद्रों को मंजूरी दी गई है। हर केंद्र की शुरुआत के लिए 2.40 करोड़ रुपये और दूसरे साल से हर साल 1.49 करोड़ रुपये का प्रावधान है। आंध्र प्रदेश में कुल 23 केंद्र पहले से काम कर रहे हैं।
कैसे राज्यों को मिलते हैं कैंसर डे केयर सेंटर?
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जरूरत के हिसाब से गैप एनालिसिस करके नेशनल प्रोग्राम फॉर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज के तहत प्रस्ताव भेजने होते हैं। अगर कोई राज्य अतिरिक्त केंद्र चाहता है तो नियमों के अनुसार उनकी जांच की जाती है। अब तक 313 ऐसे केंद्रों को मंजूरी दी जा चुकी है।
राज्यवार क्या कहते हैं डे केयर सेंटर के आंकड़े? देख लीजिए लिस्ट
किन राज्यों में बेहतर हैं आंकड़े?
- मध्य प्रदेश-52
- राजस्थान-41
- तमिलनाडु-38
- पश्चिम बंगाल-38
- गुजरात-36
- तेलंगाना-34
- बिहार-32
- ओडिशा-32
- केरल-28
- छत्तीसगढ़-26
- आंध्र प्रदेश-23
- उत्तर प्रदेश-21
किन राज्यों में खराब हैं आंकड़े?
- कर्नाटक-16
- हिमाचल प्रदेश-13
- उत्तराखंड-13
- जम्मू और कश्मीर-12
- हरियाणा-10
- महाराष्ट्र-9
- मणिपुर-8
- पंजाब-7
- असम-6
- दिल्ली-6
- नागालैंड-5
- मेघालय-4
- त्रिपुरा-3
- गोवा-2
- मिजोरम-2
- लद्दाख-2
- दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव-2
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह-1
- अरुणाचल प्रदेश-1
- लक्षद्वीप-1
- जीरो डे केयर कैंसर सेंटर वाले राज्य कौन से हैं?
- चंडीगढ़-0
- झारखंड-0
- पुडुचेरी-0
- सिक्किम-0
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क्यों कई राज्यों में शून्य हैं कैंसर डे केयर सेंटर?
चंडीगढ़, झारखंड, पुडुचेरी और सिक्किम जैसे राज्यों में एक भी डे केयर कैंसर सेंटर नही हैं। अरुणाचल प्रदेश, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में सिर्फ एक-एक डे केयर कैंसर सेंटर हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि केंद्र सरकार खुद हर राज्य में सेंटर तय करके नहीं भेजती। यह पूरी प्रक्रिया राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की अपनी पहल पर टिकी है। राज्य सरकार यह तय करती है कि उसके कितने डे केयर कैंसर सेंटर चाहिए और कहां चाहिए।
नेशनल हेल्थ मिशन से जुड़े एक कर्मचारी योगेश उपाध्याय ने बताया कि राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश प्रोग्राम इंप्लिमेंटेशन प्लान (PIP) के जरिए भेजे जाते हैं। अगर राज्य ने प्रस्ताव ही नहीं भेजा या देर से भेजा तो सेंटर जारी होने में देरी हो सकती है। केंद्र प्रस्तावों की जांच तय मानकों पर करता है। भेजे गए प्रस्ताव भी मंजूरी की एक प्रक्रिया से गुजरते हैं, जिसमें समय लग सकता है।
चंडीगढ़, पुडुचेरी, सिक्किम में जैसे जिलों में डे केयर सेंटर कम हैं। DCCC मॉडल आमतौर पर जिला अस्पतालों में बनते हैं, इसलिए इनकी गिनती ही कम होती है। झारखंड जैसे राज्य से आया आंकड़ा चौंकाता है। योजना अभी तीन साल की समयसीमा में है। न राज्यों में शुरुआती दौर में कम प्रगति है हो सकता है उनके प्रस्ताव आगे की किश्तों में स्वीकृत हों।
