कोलकाता से चेन्नई जा रही एक फ्लाइट मंगलवार देर रात हादसे का शिकार होते-होते बची। चेन्नई एयरपोर्ट पहुंचने से ठीक पहले इस प्लेन का एक इंजन हवा में ही फेल हो गया था और सब की सांसें अटक गई थी। आनन-फानन में चेन्नई एयरपोर्ट पर इमजेंसी घोषित कर दी गई थी। गनीमत रही कि 224 यात्रियों को लेकर आ रहा इंडिगो का यह प्लेन सफलतापूर्वक लैंड हो गया और किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। कुल 18 मिनट के बाद इमरजेंसी हटा ली गई और एयरपोर्ट पर आवागमन सामान्य हो गया।   

 

इस घटना के बारे में चेन्नई एयरपोर्ट अथॉरिटी ने एक बयान जारी करके बताया है, 'कोलकाता से चेन्नई आ रही फ्लाइट 6E-723' के लिए रात के 11 बजकर 29 मिनट पर फुल इमरजेंसी घोषित की गई थी क्योंकि प्लेन का बायां इंजन बंद हो गया था। इस प्लेन को 11 बजकर 37 मिनट पर लैंड करना था और इसका समय 11 बजकर 30 मिट था। इमजरेंसी घोषित किए जाने के बाद जरूरी इंतजाम किए गए थे ताकि इस हवाई जहाज को सुरक्षित उतारा जा सके।

 

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क्रैश होने की थी आशंका

इसी बयान में आगे कहा गया है, 'यह प्लेन आखिर में रनवे 25 पर रात के 11 बजकर 37 मिनट पर सुरक्षित तरीके से लैंड करने में कामयाब रहा। इसमें 224 यात्री सवार थे। 11 बजकर 47 मिनट पर फुल इमरजेंसी को हटा लिया गया और सब कुछ सामान्य हो गया।' बता दें कि एविएशन सेक्टर में फुल इमरजेंसी तब घोषित की जाती है जब कोई एयरक्राफ्ट यानी हवाई जहाज एयरपोर्ट पर पहुंचने वाला हो और उसके क्रैश कर जाने की आशंका हो।

फुल इमरजेंसी में क्या होता है?

फुल इमरजेंसी का मतलब है कि पूरी आशंका है कि प्लेन सही से लैंड नहीं कर पाएगा और क्रैश कर सकता है। प्लेन का इंजन बंद होने, लैंडिंग गियर काम ना करने या प्लेन में आग लग जाने की स्थिति में इसकी घोषणा की जाती है। 

इस स्थिति में एयरपोर्ट पर मौजूद फायर सेफ्टी टीम, एंबुलेंस, स्थानीय पुलिस आदि को बुला लिया जाता है। ज्वलनशील चीजों को रनवे और उसके आसपास से हटा दिया जाता है। साथ ही, रनवे को पूरी तरह से खाली रखा जाता है। इसके अलावा, आपदा की स्थिति में काम करने वाली सभी एजेंसियों को भी स्टैंडबाय पर रखा जाता है।

 

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फुल इमरजेंसी होने की स्थिति में अन्य सभी फ्लाइट की लैंडिंग या उड़ान को भी रोक दिया जाता है ताकि अगर प्लेन क्रैश भी हो तो इसका असर किसी दूसरी फ्लाइट पर ना हो। साथ ही, एयरपोर्ट के आसपास के अस्पतालों को भी अलर्ट कर दिया जाता है।