केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने हाल ही में 20% मिले एथेनॉल वाले पेट्रोल को बेचने की अनुमति दे दी। इससे सोशल मीडिया पर एक आम चर्चा है कि एथेनॉल मिले पेट्रोल से गाड़ी को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। मगर, केंद्र सरकार ने लोगों के भ्रम को दूर करने के लिए इस दावे का फैक्ट चेक किया है।
केंद्र सरकार ने हाल ही में 22–30% एथेनॉल मिलाए गए पेट्रोल को सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी से छूट दे दी है। प्रदूषण कम करने और महंगे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने के लिए सरकार का यह कदम काफी बड़ा और बदलाव लाने वाला माना जा रहा है।
वाहन के मालिकों के बीच नई चिंता
मगर, जैसे-जैसे भारत अधिक एथेनॉल मिलाए गए पेट्रोल की ओर बढ़ रहा है, पुरानी वाहन के मालिकों के बीच एक नई चिंता पैदा होने लगी है। लोगों का कहना है कि E20 फ्यूल गाड़ी को नुकसान पहुंचाता है। ऐसे में क्या इंश्योरेंस कंपनी इंजन खराब होने की स्थिति में इसका भुगतान करेगी?
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सरकार के इस फैसले का मकसद ज्यादा एथेनॉल मिलाने को बढ़ावा देना है, जिससे प्रदूषण कम करना, प्राकृतिक तेल पर निर्भरता कम करना और भारत के बायोफ्यूल और सस्टेनेबिलिटी के लक्ष्यों को मजबूत करना है।
वाहन मालिकों को बीमा कवरेज मिलेगा या नहीं?
देश में E20 ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा दिए जाने के बीच वाहन मालिकों के लिए बीमा कवरेज को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं। एक FAQ में ICICI Lombard ने स्पष्ट किया है कि अलग किसी पुराने और E20-अनुकूल नहीं होने वाले वाहन में E20 ईंधन के इस्तेमाल से इंजन को नुकसान होता है, तो सामान्य मोटर बीमा पॉलिसी ऐसे नुकसान को कवर नहीं कर सकतीं।
कंपनी ने वाहन मालिकों को सलाह दी है कि वे सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि उनका वाहन E20 ईंधन के अनुकूल है या नहीं। साथ ही, अपनी बीमा पॉलिसी के नियमों और शर्तों की भी सावधानीपूर्वक देखें, ताकि भविष्य में इंजन को नुकसान की स्थिति में उन्हें मरम्मत का खर्च अपनी जेब से न उठाना पड़े।
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रिजेक्ट हो सकता है आपका क्लेम
ICICI लोम्बार्ड ने कहा, 'ऐसे ईंधन का इस्तेमाल करना जिसके लिए आपकी गाड़ी नहीं बनी है, उसे गलत इस्तेमाल या लापरवाही माना जा सकता है। इंश्योरेंस कंपनियां उस नजरिए से इन क्लेम को रिव्यू कर सकती हैं और आपका क्लेम रिजेक्ट कर सकती हैं।'
वाहन मालिकों ने सोशल मीडिया पर चिंता जताई है कि E20 ईंधन पुरानी, नॉन-कम्पैटिबल कारों और टू-व्हीलर्स में दिक्कतें पैदा कर सकता है। भारत में अप्रैल 2023 से ही E20 के अनुरूप गाड़ियां बेची जा रही हैं। मगर, इससे पहले की बनी गाड़ियां E20 ईंधन को सपोर्ट नहीं करती हैं। वाहन मालिकों को इस बात का ध्यान देना चाहिए।
पीआईबी ने क्या कहा?
हालांकि, पीआईबी ने अपने फैक्ट चेक में कहा है कि कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि E20 फ्यूल इस्तेमाल करने से गाड़ी के इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट हो सकते हैं। उसने कहा, 'यह दावा गलत है। E20 फ्यूल इस्तेमाल करने पर भी मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी वैलिड रहती हैं।' पीआईबी ने कहा कि ऐसे दावों को शेयर करने या उन पर एक्शन लेने से पहले हमेशा ऑफिशियल सोर्स से वेरिफाई करें।
