केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने अमेजन सेलर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। मामला ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सामान्य मिठाइयों को श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद के नाम से बेचने से जुड़ा है। CCPA ने पाया कि इन उत्पादों को राम मंदिर ट्रस्ट की मंजूरी के बिना प्रसाद के तौर पर पेश किया जा रहा था।

 

प्राधिकरण के मुताबिक, श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद नाम देखकर कोई भी श्रद्धालु यह मान सकता है कि यह भगवान राम को चढ़ाया गया और मंदिर से मिला प्रसाद है। CCPA ने अमेजन को 15 दिनों के भीतर जुर्माने की रकम जमा करने का निर्देश दिया है।

 

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CCPA ने क्या कहा?

CCPA ने अपने आदेश में कहा कि सामान्य मिठाइयों को श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद के नाम से बेचना भ्रामक व्यापारिक गतिविधि है। प्राधिकरण के अनुसार, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अनुमति के बिना इस नाम का व्यावसायिक इस्तेमाल श्राद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। यह आदेश CCPA की चीफ कमिश्नर निधि खरे और कमिश्नर अनुपम मिश्रा ने 4 अगस्त को जारी किया। कार्रवाई कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की जानवरी 2024 में की गई शिकायत के बाद हुई।

 

शिकायत के मुताबिक, चंदू ट्रेडिंग कंपनी बिहार ब्रदर्स ब्रांड के तहत अमेजन पर चार तरह की मिठाइयां बेच रही थी। इनमें घी लड्डू, खोया लड्डू, बूंदी लड्डू और गाय के दूथ से बने पेड़े शामिल थे। इन उत्पादों की ऑनलाइन लिस्टिंग में धार्मिक तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया था। साथ ही दावा किया गया था कि उत्पादों पर श्री राम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या का आशीर्वाद है। शिकायत में यह भी कहा गया कि उत्पाद की सामग्री वाले कॉलम में इसे राम मंदिर प्रसाद बताया गया था।

 

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15 दिनों के भीतर जमा करना होगा जुर्माना

CCPA ने कहा कि अमेजन सिर्फ यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता कि वह एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। प्राधिकरण के मुताबिक, अमेजन ने इन भ्रामक विज्ञापनों को अपनी वेबसाइट पर जगह दी, ग्राहकों को दिखाया और इन उत्पादों की बिक्री में भी मदद की। प्राधिकरण ने अमेजन के सेफ हार्बर के दावे को भी स्वीकार नहीं किया। CCPA ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 79 के तहत मिलने वाली यह सुरक्षा इस मामले में लागू नहीं होती। अमेजन को अब 15 दिनों के भीतर 1 लाख रुपये का जुर्माना जमा करना होगा।