पिछले एक दशक में क्रेंद सरकार के कई अहम विभागों में खाली पदों की सख्या 2015 की तुलना में बढ़कर दोगुना हो गए हैं। देश की सुरक्षा और करोड़ों लोगों के सफर की जिम्मेदारी संभालने वाले डिफेंस और रेलवे विभागों में सबसे ज्यादा पद खाली पड़े हैं। रक्षा मंत्रालय में खाली पदों की सख्या सिविलियन कर्मचारियों से जुड़ा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो अकेले इन दोनों विभागों में 4.82 लाख से ज्यादा पदों पर भर्ती नहीं हुई है, जो केंद्र सरकार के कुल करीब 8.23 लाख खाली पदों के आधे से ज्यादा है। 

 

2015 में जहां कुल खाली पदों की संख्या 4.21 लाख थी, 2024 में बढ़कर 8.24 लाख हो गए।  मंजूर पद बढ़ने के बावजूद भर्तियां उस रफ्तार से नहीं हुईं और रिक्तियों की संख्या करीब दोगुनी हो गई। इनमें से 2 विभाग ऐसे हैं, जिनमें खाली पदों की संख्या 2015 में शून्य थी लेकिन 2024 में इन्हीं विभागों में 2024 तक बड़ी संख्या में पद खाली पड़े रहे। 

 

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दोगुना से ज्यादा हुई कुल खाली पदों की संख्या

रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय विभागों में खाली पदों की संख्या बीते एक दशक में काफी बढ़ी है। 2015 में करीब 4.21 लाख पद खाली थे, जो 2024 में बढ़कर 8.23 लाख से ज्यादा हो गए। इसके अलावा, कुल मंजूर पदों में रिक्तियों की हिस्सेदारी भी 11.5% से बढ़कर करीब 21% पहुंच गई। ऐसे में देखा जाए तो केंद्रीय विभागों में लगभग हर पांचवां मंजूर पद खाली है।

 

रेलवे और हेल्थ में 0 से हजारों तक पहुंची संख्या

दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2015 में रेलवे में एक भी पद खाली नहीं था। 2024 तक इस विभाग में 2 लाख 40 हजार 125 पद यानी 16.2% पद खाली रहे। हेल्थ विभाग में भी यही हाल रहा। 2015 में जहां इस विभाग में खाली पदों की संख्या 1582 रही। यानी इस विभाग में खाली पदों की संख्या शून्य से बढ़कर 5.8% हो गई है।

 

डिफेंस और रेलवे में सबसे ज्यादा पद खाली 

आंकड़ों के मुताबिक, डिफेंस के सिविलियन विभाग में करीब 2.42 लाख पद खाली हैं। यानी मंजूर पदों का लगभग 43% हिस्सा खाली है। यह आंकड़ा सेना, नौसेना और वायुसेना के सैन्य पदों का नहीं, बल्कि रक्षा मंत्रालय के सिविलियन कर्मचारियों से जुड़ा है।

 

इसके अलावा, रेलवे में 14.79 लाख से ज्यादा मंजूर पदों के मुकाबले 2,40,125 पद खाली हैं। रेलवे में करीब 16.2% पदों पर कर्मचारी नहीं हैं। अकेले रेलवे की हिस्सेदारी कुल खाली पदों में करीब 30% के आसपास है। इन दोनों विभागों में मिलाकर 4.82 लाख से ज्यादा पद खाली हैं। 

PSU में 15.87 लाख कर्मचारी, 2.96 लाख ठेके पर

पब्लिक एंटरप्राइजेज सर्वे 2015 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2015 में देश के 298 पीएसयू में कुल 15,87,149 कर्मचारी काम कर रहे थे। इनमें से 2,95,975 कर्मचारी ठेके पर थे। 2025 में 475 पीएसयू में कुल 15,42,339 कर्मचारी थे। इनमें से सिर्फ 7,83,728 रेगुलर थे, बाकी 7,58,611 कर्मी ठेके पर थे।