कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन और पुलिस की पाबंदियों का असर कनॉट प्लेस में फेरी लगाकर सामान बेचने वालों की कमाई पर पड़ा है। शिकंजी, भेल, गोलगप्पे और मसाला पापड़ बेचने वाले इन दुकानदारों का कहना है कि इलाके में आम लोग नहीं आ रहे, इसलिए ग्राहक बहुत कम हैं।
CJP ने 10 अक्टूबर को सेंट्रल दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। दिल्ली पुलिस ने भारी संख्या में जवान और केंद्रीय बल तैनात किए और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। कनॉट प्लेस प्रदर्शन का मुख्य केंद्र रहा।
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फेरीवालों ने क्या बताया?
संभल जिले (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले धनीपाल कनॉट प्लेस में घूमकर शिकंजी बेचते हैं। उन्होंने बताया कि आम लोग नहीं आ रहे, तो उनकी शिकंजी कौन पिएगा। धनीपाल के मुताबिक सामान्य दिनों में वे 1,000 से 1,500 रुपये तक कमा लेते हैं, लेकिन दोपहर दो बजे तक सिर्फ 500 रुपये की बिक्री हुई। उन्होंने कहा कि शाम को ठंड बढ़ने पर शिकंजी और कम बिकेगी।
धनीपाल ने बताया कि इलाके में शकरकंद और गोलगप्पे बेचने वाले भी लगते हैं, लेकिन शुक्रवार से प्रशासन के लोग उन्हें हटा रहे हैं। उनके मुताबिक कई फेरीवाले छिपकर सामान बेच रहे हैं।
भेल, गोलगप्पे लेकर घूम रहे हैं, खरीदने वाले नदारद
भेल बेचने वाले इंद्रपाल ने कहा कि प्रदर्शन और पाबंदियों की वजह से बिक्री मुश्किल हो गई है। उन्होंने बताया कि जो सामान शाम तक बिककर खत्म हो जाता था, आज वह पूरा बिकना मुश्किल लग रहा है। एक अन्य भेल विक्रेता ने बताया कि वे रोज 700 से 800 रुपये का काम कर लेते हैं और इसी कमाई से घर चलता है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन लंबा खिंचा तो परेशानी बहुत बढ़ जाएगी।
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भेल बेचने वाले धर्मपाल ने भी ऐसी ही स्थिति बताई। कई गोलगप्पे और मसाला पापड़ बेचने वाले दुकानदार सामान लेकर इलाके में घूमते रहे, लेकिन खरीदार बहुत कम दिखे।
आगे भी प्रदर्शन की तैयारी
CJP सहित कुछ संगठनों ने रविवार, 11 अक्टूबर को भी प्रदर्शन बुलाया है। इसके बाद 12 अक्टूबर को INDIA गठबंधन ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया है। इसे देखते हुए सेंट्रल दिल्ली में पुलिस का भारी पहरा है।
