कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित छात्रों के प्रदर्शन से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि जिन बच्चों ने NEET पेपर लीक में धांधली की बात कहकर खुदकुशी की थी, उन परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। अभिजीत दीपके ने यह भी मांग की है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटा दिया जाए।
अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की अपनी मांग भी दोहराई और जवाबदेही तय किए जाने पर जोर दिया। यह अपील 20 जून को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित CJP के दूसरे प्रदर्शन से पहले की गई है। संगठन ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने में सरकार की कथित विफलता के खिलाफ अपना अभियान तेज करने की घोषणा की है।
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क्यों अभिजीत दीपके ने PM को चिट्ठी लिखी है?
अभिजीत दीपके ने कहा, 'मैं भारी मन से आपको यह पत्र लिख रहा हूं ताकि आपका ध्यान एक ऐसे गंभीर संकट की ओर आकर्षित कर सकूं, जो हमारे देश के भविष्य तथा युवाओं के जीवन और मानसिक स्वास्थ्य के लिए खतरा बनता जा रहा है।'
अब तक 11 छात्रों ने की है खुदकुशी?
अभिजीत दीपके ने दावा किया, 'हाल के सप्ताहों में 11 छात्रों ने आत्महत्या की है, जिनमें से पांच मामलों की सूचना पिछले 48 घंटे में मिली है। संभावित पुनर्परीक्षाओं को लेकर अनिश्चितता के कारण छात्रों की चिंताएं बढ़ रही हैं।'
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क्या चाहते हैं अभिजीत दीपके?
अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग करते हुए कहा कि अनेक परिवारों ने अपने बच्चों की शिक्षा के लिए भारी एजुकेशनल लोन लिया था।उन्होंने पत्र में कहा, 'जिन बच्चों की शिक्षा पर इन परिवारों ने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी खर्च की, उन बच्चों के निधन के बाद ये परिवार पूरी तरह असहाय हो गए हैं।' अभिजीत दीपके ने पेपर लीक के पीड़ित परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मागं की है।
अभिजीत दीपके, संस्थापक, कॉकरोच जनता पार्टी:-
कॉकरोच जनता पार्टी पिछले एक महीने से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है और अपनी मांगों को लेकर देशभर में प्रदर्शन कर रही है। छात्र केवल इतना चाहते हैं कि जान के नुकसान के लिए जवाबदेही तय हो।
क्यों इस्तीफे की मांग कर रहे हैं अभिजीत दीपके?
अभिजीत दीपके ने कहा कि नेतृत्व स्तर पर जवाबदेही तय करना छात्रों और अभिभावकों का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं करने से यह संदेश जाता है कि प्रशासन मौजूदा स्थिति को स्वीकार करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री से शिक्षा मंत्री को पद से हटाने की अपील की है।
'PM के भरोसे की वजह से बने हैं शिक्षा मंत्री'
अभिजीत दीपके ने कहा है कि प्रधानमंत्री के विश्वास की वजह से धर्मेंद्र प्रधान अपने पद पर बने हुए हैं और अंतिम जवाबदेही प्रधानमंत्री की है। दीपके ने कहा कि शिक्षा मंत्री को हटाना सरकार की जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाएगा और निष्क्रियता से छात्रों और अभिभावकों में निराशा की भावना और गहरी हो सकती है।
अभिजीत दीपके, संस्थापक, कॉकरोच जनता पार्टी:-
शैक्षणिक निराशा के कारण और युवाओं की जान न जाए। 20 जून से देशभर के छात्र अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर एकत्रित हो रहे हैं। हमें उम्मीद है कि सरकार भारत के भविष्य की आवाज सुनेगी।
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दूसरे प्रदर्शन के लिए तैयार CJP
जंतर-मंतर पर 20 जून को होने वाला प्रदर्शन इस महीने CJP का दूसरा बड़ा प्रदर्शन होगा। इससे पहले 6 जून को अभिजीत दीपके की अपील पर सैकड़ों छात्रों और युवा पेशेवरों ने दिल्ली में प्रदर्शन कर विभिन्न परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी। उस प्रदर्शन के बाद संगठन ने परीक्षा विवादों और प्रश्नपत्र लीक के आरोपों को लेकर कई शहरों में अपना अभियान शुरू किया, जिसमें शिक्षा मंत्री का इस्तीफा प्रमुख मांग बना हुआ है।


