बंगाल की खाड़ी में चक्रवात अर्नब का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इस बीच मौसम विभाग ने एक और चक्रवात की संभावना जाहिर की है। दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इससे आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे इस सिस्टम पर नजर बनाए हुए हैं। 

 

नया सिस्टम गुरुवार, 29 अक्टूबर की सुबह करीब 5:30 बजे दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर बना। मौसम विभाग के अनुसार, इसके अगले 24 घंटों में और मजबूत होकर कम दबाव वाले क्षेत्र में बदलने की संभावना है। इसके बाद भी सिस्टम के विकसित होने की प्रक्रिया जारी रह सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। अगले कुछ दिनों में इसकी स्थिति कैसी रहती है, इससे पता चलेगा कि इसका असर किन इलाकों पर पड़ सकता है।

 

यह भी पढ़ें: पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध के पक्ष में नहीं, भावनाओं को समझते हैं- सुप्रीम कोर्ट

अगले 72 घंटे अहम

कोलकाता में IMD के सीनियर साइंटिस्ट एचआर बिस्वास ने इस सिस्टम को लेकर अगले 72 घंटे काफी अहम बताए हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट ने उनके हवाले से लिखा, 'गुरुवार सुबह साउथ अंडमान सागर के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन तेज होकर लो-प्रेशर सिस्टम में बदल गया है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और अगले 72 घंटों में अंडमान सागर और अंडमान और निकोबार आइलैंड्स से सटे इलाके के ऊपर एक साफ लो-प्रेशर में बदलने की बहुत संभावना है।'

क्या यह अर्नब जैसा चक्रवात है?

यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि यह सिस्टम चक्रवात अर्नब जैसा ही दूसरा चक्रवात है। अभी तक मौसम विभाग ने कोई भी चक्रवात से संबंधित अलर्ट जारी नहीं किया है। अधिकारियों को अभी यह अंदाजा लगाना बाकी है कि यह सिस्टम चक्रवात बनेगा या नहीं। अगले 24 से 72 घंटे इसके आगे बढ़ने और मजबूत होने के लिहाज से अहम रहेंगे। ऐसे में अभी किसी संभावित तूफान के रास्ते या उसके असर वाले राज्यों के बारे में मौसम विभाग ने भी जानकारी शेयर नहीं की है। 

 

यह भी पढ़ें: गुजरात-वाराणासी को मिलेंगी दो नई ट्रेन, PM मोदी 30 अक्टूबर को दिखाएंगे हरी झंडी

चक्रवात अर्नब  पड़ा कमजोर

दूसरी ओर, चक्रवात अर्नब अब कमजोर हो चुका है। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाके में पहुंचने के बाद इसका असर अंदरूनी हिस्सों की तरफ बढ़ा और इसकी ताकत लगातार कम होती गई। मौसम विभाग के 29 अक्टूबर के बुलेटिन के मुताबिक, अर्नब कमजोर होकर डिप्रेशन  बदल गया था। इसका केंद्र दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर था। हालांकि, अर्नब के कमजोर पड़ने के बावजूद पूर्वी और मध्य भारत के कई इलाकों में मौसम खराब रह सकता है। मौसम विभाग ने ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है।