दोनों चुनाव आयुक्तों के मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखे गए पत्रों के बाद हुए विवाद के बीच दिल्ली में शनिवार को चुनाव आयोग की बड़ी बैठक हुई। इस बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ दोनों चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी मौजूद रहे।

 

बैठक के बाद चुनाव आयोग ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण ( SIR ) से जुड़े सभी आदेश तीनों निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी के बाद जारी किए गए थे और वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के लिए फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया था। 

 

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मतभेदों के विवाद को नकारा

दोनों चुनाव आयुक्तों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बीच मतभेदों को लेकर विवाद के बीच, चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा कि दो आयुक्तों -सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी- द्वारा कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र आयोग या उसके आईटी डिवीजन के किसी नीतिगत मामले से संबंधित नहीं थे, बल्कि आयोग में प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित थे।

 

 

 

 

मुख्य निर्वाचन आयुक्त समेत दोनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से जारी बयान में आयोग ने कहा कि संबंधित अधिकारी द्वारा जारी कार्य-पुनर्वितरण के आदेश दो निर्वाचन आयुक्तों के आदेश के बाद वास्तव में लागू नहीं किए गए थे। साथ ही, उप निर्वाचन आयुक्त (DEC) की ओर से आईटी विभाग की निगरानी भी कभी वापस नहीं ली गई थी। चुनाव आयोग ने कहा कि हाल के महीनों में उसने देशभर में SIR समेत कई फैसले लिए हैं। 

पिछले साल SIR की मंजूरी

चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR कराने का आदेश जारी किया था, जिसकी शुरुआत बिहार से हुई और इसके बाद पश्चिम बंगाल और 30 अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में इसे लागू किया गया। आयोग ने कहा कि यह आदेश सर्वसम्मति से मंजूर किया गया था।

 

निर्वाचन सदन में भारत निर्वाचन आयोग की यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की आई रिपोर्ट को लेकर समूचा विपक्ष आयोग और सरकार पर हमलावर है। इस रिपोर्ट के आने के बाद से विपक्ष ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।

 

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कांग्रेस-आरजेडी का बड़ा प्रदर्शन

इस बीच कांग्रेस, आरजेडी समेत कई विपक्षी पार्टियों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उनका इस्तीफा मांगा है। सांसद प्रियंका गांधी ने चुनाव आयुक्त को दिए गए कानूनी संरक्षण को हटाने की मांग करते हुए शनिवार को आरोप लगाया कि ऐसा संरक्षण बीजेपी सरकार ने चुनाव आयोग को जवाबदेही से बचाने के लिए दिया गया था।

प्रियंका गांधी ने ज्ञानेश का मांगा इस्तीफा

प्रियंका ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन उन्हें हटाए जाने की मांग को लेकर एकजुट है। वायनाड से सांसद प्रियंका ने यहां कहा, 'अगर कोई व्यक्ति देश, हमारे संविधान या भारत के खिलाफ गैरकानूनी काम कर रहा है, तो उसके द्वारा किए गए आपराधिक कृत्य के लिए उस पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। यह देशद्रोह है और इसके लिए उस पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए।'

 

उन्होंने आगे कहा, 'अगर कोई चुनाव आयुक्त लोकतंत्र के खिलाफ इतने गंभीर अपराध कर रहा है, तो नेतृत्व के समर्थन के बिना ऐसा करना व्यावहारिक रूप से असंभव है। हमारी तत्काल मांग है कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। इंडिया गठबंधन इस मांग को लेकर एकजुट है। गठबंधन का प्रत्येक नेता इस बात से पूरी तरह सहमत है कि जो कुछ हो रहा है, वह पूरी तरह गैरकानूनी और असंवैधानिक है।'