सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने ऐसा बयान दिया, जिससे वह सुर्खियों में आ गए। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अभिजीत दिपके के पीस बॉन्ड साइन करने के बाद रोचक दावा किया। उन्होंने दावा किया कि अभिजीत दिपके का करियर अब खत्म हो चुका है। इसके बजाय उन्होंने पीस बॉन्ड साइन न करने वाली नेहा बोरा की तारीफ की है। मार्कंडेय काटजू के मुताबिक, अब अभिजीत दिपके किसी प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकते हैं। अगर वह प्रदर्शन में शामिल हुए, तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर लेगी। इसी वजह से मार्कंडेय ने आशंका जताई है।

 

मार्कंडेय काटजू ने कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया था। पोस्ट के जरिए उन्होंने आशंका जताई कि अभिजीत दिपके के साथ-साथ सौरभ दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे का भी राजनीतिक करियर खत्म हो चुका है। इसके बजाय जज मार्कंडेय काटजू ने नेहा बोरा की तारीफ की है। मार्कंडेय काटजू ने दावा किया है कि अब लोग अभिजीत पर भरोसा नहीं करेंगे, क्योंकि उन्होंने गिरफ्तारी के डर से पीस बॉन्ड साइन कर दिया।

 

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मार्कंडेय ने CJP को लेकर क्या बोलें?

मार्कंडेय काटजू ने एक्स पर कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने अभिजीत दिपके, सौरभ दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे के पीस बॉन्ड साइन करने को लेकर लिखा, 'कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अभिजीत दिपके, सौरभ दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे ने पीस बॉन्ड पर साइन किया है। इसका मतलब यह है कि वे अब किसी भी सार्वजनिक प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकते। अगर वे प्रदर्शन में शामिल होते हैं, तो पुलिस इसे शांति भंग करने और बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन मानेगी, जिसके आधार पर उन्हें गिरफ्तार करके लंबे समय के लिए जेल में बंद कर दिया जाएगा।'

इसके बाद मार्कंडेय ने लिखा, 'मेरी राय में पीस बॉन्ड पर साइन करने से इन 4 नेताओं का राजनीतिक करियर खत्म हो गया है। जनता की नजरों में इनकी विश्वसनीयता पूरी तरह खत्म हो गई है। लोग अब इन्हें ऐसे डरपोक इंसान के रूप में देख रहे हैं, जो जेल जाने से घबराते थे।'

 

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'सिर्फ नेहा बोरा का सम्मान करता हूं'

मार्कंडेय काटजू ने पोस्ट में नेहा बोरा की तारीफ की थी, जिसमें उन्होंने लिखा, 'मैं केवल नेहा बोरा का सम्मान करता हूं, जिन्होंने पीस बॉन्ड पर साइन करने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना उनका संवैधानिक हक है। मैं अभिजीत दिपके और CJP के बाकी 3 नेताओं को गैंग ऑफ फोर कहता हूं।' इसके बाद मार्कंडेय ने अभिजीत दिपके को लेकर एक कहावत लिखी, 'जब पड़ी मार शमशीरन की, तो महाराज मैं नाई हूं।