पाकिस्तान के क्रिकेटरों के ऊपर डोपिंग को लेकर कई बार आरोप लगे हैं। इन्हीं मामलों में मोहम्मद आमिर जैसे क्रिकेटर अपना करियर गंवा चुके हैं। अब सालों बाद पाकिस्तान के महान तेज गेंदबाद-क्रिकेटर शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। 

 

भारत सरकार के गृह मंत्रालय के एक पूर्व अधिकारी ने कहा है कि क्रिकेटर शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ का एक रिपोर्टेड मामला है, जिसमें दोनों पाकिस्तानी क्रिकेटर ड्रग्स की तस्करी करते थे। 

 

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पूर्व अधिकारी ने RVS मणि ने क्या कहा?

गृह मंत्रालय के पूर्व अंडर सेक्रेटरी RVS मणि ने कहा, 'क्रिकेटर शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ का एक रिपोर्टेड मामला है, जहां पाकिस्तानी हाई कमीशन ने उनके ड्रग्स ले जाने की बात कबूल करने के बाद उन्हें भारत से वापस भेज दिया था। जब भी पाकिस्तानी टीमें, डेलीगेशन भारत आए, उन्होंने यहां ड्रग्स की तस्करी की।'

 

 

 

निजी उपयोग के लिए नहीं थे ड्रग्स

उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान भारत आने वाले सभी पाकिस्तानी डेलिगेशन भारत ड्रग्स लेकर आते थे। उन्होंने कहा, 'जब कभी पाकिस्तान का डेलिगेशन, टीम या कोई और भारत आता था वे ड्रग्स ट्रैफिंकिंग करते थे। ये निजी उपयोग के लिए नहीं था। ये 16 अक्तूबर को हुआ था। फिर लगभग 6 महीने के बाद मार्च में पाकिस्तान टीम के इंग्लिश कोच बॉब वूल्मर जो पाकिस्तानियों द्वारा ड्रग्स टैफिकिंग का विरोध कर रहे थे उन्हें संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।'

 

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30 फीसदी आतंकी हमलों की फंडिंग ड्रग्स ट्रैफिंकिंग से

भारत में आतंकवाद फैलाने में ड्रग्स ट्रैफिकिंग की भूमिका के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद की फंडिंग का 30 फीसदी ड्रग्स ट्रैफिकिंग से आता है। गृह मंत्रालय पूर्व अधिकारी आरवीएस मणि ने कहा कि सभी बिन्दुओं को जोड़ना होगा। पाकिस्तान का डेलिगेशन भारत में ड्रग्स लाया करता था और उस समय के DIA के अनुसार भारत में होने वाले 30 फीसदी आतंकी हमलों की फंडिंग ड्रग्स ट्रैफिंकिंग से होती थी। भारत में ड्रग्स भेजना पाकिस्तानी की सरकारी नीति है।