गैंगस्टर नीरज सेहरावत उर्फ नीरज बवाना बुधवार को छह घंटे की कस्टडी पैरोल मिली है। वह अपने परिवार से मिलने के लिए जेल से बाहर आया है। दिल्ली के एक कोर्ट ने उसे अपनी पत्नी से मिलने और अस्पताल में भर्ती अपने नवजात बच्चों को देखने के लिए 26 अगस्त को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक की अस्थायी कस्टडी पैरोल मंजूर की है। कोर्ट के आदेश के तहत बवाना को कड़ी सुरक्षा के बीच पहले उसके हरि नगर स्थित आवास और इसके बाद उस अस्पताल ले जाया जा रहा है, जहां उसके बच्चे भर्ती हैं।
कोर्ट के आदेश के अनुसार, नीरज बवाना की कस्टडी पैरोल का आधार मानवीय और परिवार की मेडिकल स्थिति है। कोर्ट ने मंगलवार 25 अगस्त को एक आदेश में कहा कि उनकी पत्नी ने समय से पहले तीन बच्चों को जन्म दिया है और उनकी मेडिकल हालात सही नहीं है। इनमें से एक नवजात की तो मौत हो गई है, जबकि दो अन्य का इलाज चल रहा है। ऐसे में इसी आधार पर कोर्ट ने नीरज बवाना को कस्टडी पैरोल दी है। हालांकि, कोर्ट ने यह पैरोल सिर्फ 6 घंटे के लिए ही दी है।
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क्या है पूरा मामला?
नीरज बवाना की पत्नी ने तीन बच्चों को जन्म दिया है। उनकी पत्नी की हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के दौरान तबीयत कई बार खराब हुई और इसी आधार पर नीरज बवाना को पहले भी पैरोल मिल चुकी है। कोर्ट ने नीरज बवाना को 5 और 6 जून को कड़े सुरक्षा व्यवस्था में अपनी पत्नी से मिलने की इजाजत दी थी। उस समय पैरोल देते हुए कोर्ट ने नीरज बवाना की पत्नी की मेडिकल रिपोर्ट पर गौर करते हुए कहा था कि स्थिति नाजुक है और इस मेडिकल रिपोर्ट को पुलिस ने भी वेरिफाई किया है। नीरज बवाना ने 90 दिनों की अंतरिम जमानत की मांग की थी। याचिका में कहा गया था कि उसकी पत्नी की प्रेग्नेंसी के दौरान उसका साथ में रहना जरुरी है। हालांकि, उस समय भी कोर्ट ने उनकी 90 दिनों की जमानत की याचिका को खारिज कर दिया था।
नहीं मिली अंतरिम जमानत
नीरज बवाना की पत्नी ने समय से पहले ही तीन बच्चों को जन्म दे दिया है। इसी आधार पर नीरज बवाना ने एक बार फिर अंतरिम जमानत याचिक कोर्ट में दायर की थी। हालांकि, कोर्ट ने नीरज बवाना को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसे केवल निर्धारित अवधि और निर्धारित उद्देश्यों के लिए कस्टडी पैरोल दी जा रही है। इस दौरान उसकी हिरासत और सुरक्षा व्यवस्था राज्य की जिम्मेदारी रहेगी। कोर्ट ने राज्य को मामले में एक व्यापक रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया है।
पत्नी और नवजात बच्चों से मिलेगा
आज सुबह 11 बजे नीरज बवाना को जेल से बाहर निकाला गया। इसके बाद वह सीधा हरि नगर स्थित अपने घर पर गया, जहां उसने अपनी पत्नी से मुलाकात की है। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया जाएगा, जहां उसके नवजात बच्चों का इलाज चल रहा है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, यह सारा कुछ निर्धारित समय के दौरान ही पूरा किया जाना है और उ पैरोल की अवधि समाप्त होने के बाद उसे वापस हिरासत में ले लिया जाएगा।
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नीरज बवाना पर क्या आरोप?
नीरज बवाना दिल्ली-एनसीआर में संगठित अपराध और गैंग से जुड़े कई गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, लूट और अवैध हथियार रखने समेत कई मामले दर्ज रहे हैं। उसे एक आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल की सजा भी हुई है। दिल्ली पुलिस के वकील ने उसकी जमानत के खिलाफ तर्क दिया था कि उसके खिलाफ 20 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। हालांकि, कोर्ट ने मानवीय आधार पर उसे अपने नवजात बच्चों और पत्नी से मिलने के लिए 6 घंटे की पैरोल दी है।
