देश के कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश के बाद अब लोगों को कुछ दिनों के लिए राहत मिल सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले लगभग एक हफ्ते तक देश के अधिकांश हिस्सों में मॉनसून की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। इसको लेकर मौसम विभाग ने जानकारी दी है और बताया है कि कमजोर मॉनसून एक बार फिर लोगों को प्रभावित कर सकता है। इसका सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ेगा और तापमान बढ़ने की भी संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, जून महीने में बारिश की कमी 40 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, लेकिन जुलाई में लगातार हुई अच्छी बारिश के कारण यह कमी घटकर लगभग 15 प्रतिशत रह गई है। पिछले करीब दो हफ्तों में अच्छी बारिश हुई है। हालांकि, अब मॉनसून के सक्रिय सिस्टम कमजोर पड़ने के कारण उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के कई इलाकों में बारिश में कमी देखने को मिलेगी। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र बनने के संकेत हैं, जिसके बाद एक बार फिर कई राज्यों में बारिश का दौर तेज हो सकता है।
मॉनसून होगा कमजोर
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल कोई मजबूत मॉनसूनी सिस्टम सक्रिय नहीं है। यही वजह है कि अगले कुछ दिनों तक व्यापक और भारी बारिश की संभावना कम रहेगी। हालांकि, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है
किन राज्यों में हो सकती है बारिश?
मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में जल्द ही एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। अगर यह सिस्टम मजबूत होता है तो अगले सप्ताह से ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर भारत के कई हिस्सों में फिर से अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।
क्या होता है मॉनसून ब्रेक?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, मॉनसून के दौरान कुछ दिनों का ब्रेक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होता है। इस दौरान बारिश कम हो जाती है, लेकिन मॉनसून पूरी तरह खत्म नहीं होता। जैसे ही बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में नया मौसम सिस्टम बनता है, बारिश की गतिविधियां फिर से तेज हो जाती हैं। इसलिए किसानों और आम लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
इन राज्यों में जारी रहेगी बारिश
इस बीच, कुछ राज्यों में स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण छिटपुट बारिश जारी रह सकती है। पहाड़ी इलाकों और पूर्वोत्तर राज्यों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना भी बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने को कहा है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया सिस्टम मजबूत होता है तो देश के कई हिस्सों में बारिश की कमी पूरी हो सकती है और खरीफ फसलों को भी इसका फायदा मिलेगा। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक अधिकांश क्षेत्रों में भारी बारिश से राहत मिलने की संभावना है लेकिन अगले हफ्ते फिर से बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
