युद्ध के बाद ईरान की अर्थव्यवस्था में भारी गिरावट आई है। अमेरिका से साथ चल रही शांति वार्ता के बीच ईरान अब अपना व्यापार बढ़ना चाहता है। गुरुवार को ईरान के पेट्रोलियम मंत्री मोहसेन पाकनेजाद ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की। दोनों देशों ने ऊर्जा संबंधों को विस्तार, ऊर्जा सहयोग और व्यापार बढ़ाने पर चर्चा की।

 

ईरान के तेल मंत्रालय के समाचार आउटलेट शाना ने बताया कि भारत में ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की आयोजित बैठक के इतर दोनों देशों के पेट्रोलियम मंत्रियों ने मुलाकात की। भारत और ईरान ने हाइड्रोकार्बन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। 

 

यह भी पढ़ें: अमेरिका-ईरान वार्ता के वे 4 नाजुक मोड़ जहां से बिगड़ सकती है बात

 

द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा

ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक के दौरान ही मोहसेन पाकनेजाद ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल से भी मुलाकात की। ईरानी दूतावास ने अपने बयान में बताया कि दोनों देशों ने ऊर्जा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग के विस्तार के महत्व पर जोर दिया और सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर बातचीत की।

 

 

भारत और ईरान के रिश्ते सदियों पुराने

ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में ईरान के मंत्री ने कहा कि जैसा कि आप जानते हैं, ईरान और भारत के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक रिश्ते हैं। फिलहाल मैं ब्रिक्स संघ के सदस्य देशों के ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने आया हूं। देखते हैं कि इन द्विपक्षीय सत्रों और सम्मेलन में हम किन विषयों पर चर्चा करते हैं। हम भारत के साथ आर्थिक और सभी तरह के संबंध स्थापित करने को तैयार हैं।

 

यह भी पढ़ें: पाकिस्तान में 12 साल से बंधक फ्रांस की महिला मिली, तीन बच्चों को जन्म भी दिया

ईरान को अमेरिका से मिली तेल बेचने की छूट

अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में एक अंतरिम समझौता हुआ है। अमेरिका ने ईरान को एक अस्थायी लाइसेंस जारी किया है, जिसकी मदद से ईरान 60 दिनों तक कच्चे तेल का निर्यात कर सकता है। 2019 से पहले भारत ईरानी तेल का अहम खरीदार था। मगर अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारत ने आयात बंद कर दिया था।