दिल्ली पुलिस ने सोमवार को जारी सर्कुलर में बताया कि जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में डीनोटिफाई कर दिया गया है। अब जंतर मंतर पर धरना नहीं दिया जा सकेगा। इसकी जगह तीन नए स्थान तय किए गए हैं, जहां प्रदर्शन और धरना किया जा सकेगा।

दिल्ली पुलिस के सर्कुलर के मुताबिक गृह मंत्रालय ने एक समिति बनाई थी। समिति को नागरिकों के प्रदर्शन के अधिकार के लिए मौजूदा तय स्थल की जगह सही वैकल्पिक स्थान देखने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर मंतर को सूची से हटाया गया।

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कौन सी 3 नई जगहें हैं?

प्रदर्शन के लिए रामलीला ग्राउंड, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड को नए स्थल के रूप में तय किया गया है। सर्कुलर में कहा गया है कि इन तीनों स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित SOP अलग से जारी की जाएगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर मंतर पर विपक्ष और कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक धरने पर बैठना चाहते हैं। दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिंता की धारा 163 लागू की है। वहां 5 से ज्यादा लोगों के जुटने की मनाही है। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को नियुक्त किया गया है। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है। 

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दिल्ली पुलिस का सर्कुलर

 

जतंर मंतर के धरना स्थल होने में दिक्कत क्या है?

जंतर मंतर नई दिल्ली में संसद स्ट्रीट और कनॉट प्लेस के पास है। जरा सी भीड़ होते ही सेंट्रल दिल्ली में जाम की स्थिति पैदा हो जाती है और लोगों को भारी ट्रैफिक से जूझना पड़ता है। जंतर मंतर पर धरने का इतिहास दशकों पुराना है, इसलिए यहां के हर प्रदर्शन की गूंज देशभर में सनाई देती है। लंबे समय से जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाने की मांग प्रशासन और पुलिस की रही है। अब इसे डिनोटिफाई किया गया है। जिन जगहों को नया धरनास्थल बनाया गया है, वे सेंट्रल दिल्ली से काफी दूर हैं।  एक पक्ष, जो चाहता है कि जंतर मंतर ही धरने की जगह रहे, उनका तर्क है कि संसद और सत्ता के केंद्र के पास प्रदर्शन का अधिकार ही प्रदर्शन को असरदार बनाता है। नए स्थलों में से बुराड़ी जैसे इलाके केंद्रीय दिल्ली से दूर हैं, इसलिए ये धरने की ताकत को कमजोर करेंगे।