तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष दस्तीदार अब एकदम बगावत के मूड में आ गई हैं। पार्टी के कई पदों से इस्तीफा देने और शुभेंदु अधिकारी की मीटिंग में जाने के बाद अब काकोली घोष ने लोकसभा के स्पीकर को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में काकोली घोष ने लोकसभा स्पीकर से अनुमति मांगी है ताकि वह अपनी ही पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकें। काकोली घोष का कहना है कि कल्याण बनर्जी ने उनसे और कई अन्य महिला सांसदों से कई बार गाली-गलौज की। कुछ दिन पहले ही TMC ने काकोली घोष को हटाकर कल्याण बनर्जी को चीफ व्हिप बनाया है।
पश्चिम बंगाल के चुनाव में टीएमसी को मिली हार के बाद से ही पार्टी में बिखराव दिख रहा है। लोकसभा में चीफ व्हिप के पद से हटाए जाने के बाद काकोली घोष ने जिलाध्यक्ष और तृणमूल महिला कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। अपने इस्तीफे में उन्होंने आरजी कर केस का भी जिक्र किया था और कई गड़बड़ियों की ओर भी इशारा किया था। वह टीएमसी का कामकाज देखने वाली एजेंसी I-PAC को लेकर भी कई बार सवाल उठा चुकी हैं।
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काकोली की चिट्ठी में क्या है?
अपनी चिट्ठी में काकोली घोष ने लिखा है, 'मुझे आपकी अनुमति चाहिए ताकि मैं टीएमसी के लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज करा सकूं। कल्याण बनर्जी ने लोकसभा के अंदर ही कई बार मुझे गाली दी। यह स्त्रीद्वेष कई महिला सांसदों के खिलाफ जारी रहा है और इसके लिए सजा दिए जाने की जरूरत है।'
एक दिन पहले यानी बुधवार को तृणमूल महिला कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देते हुए काकोली घोष ने लिखा था, 'मैं किसी व्यक्तिगत शिकायत या नाराजगी से प्रेरित नहीं हूं, बल्कि मैं पार्टी, लोकतंत्र और सार्वजनिक जीवन के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी के तहत यह निर्णय ले रहा हूं। हालांकि, मैं अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में पार्टी नहीं छोड़ रही हूं। मैं लोगों के साथ खड़े रहने और बंगाल के हित में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता जारी रखूंगी।'
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इससे पहले वह एक सांसद की हैसियत से एक मीटिंग में भी गई थीं जिसमें बीजेपी के तमाम विधायक और खुद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे। तब काकोली घोष ने कहा था कि वह सिर्फ प्रशासनिक काम और विकास के कार्यों के लिए इस बैठक में गईं।
