ईरान में अमेरिका और इजरायल मिलकर हमला कर रहे हैं, जिसमें अरबों डॉलर के आर्थिक नुकसान के साथ में सैकड़ों लोगों की जान चली गई है। इसके साथ में ही शिया मुस्लिम बाहुल्य ईरान को कई ऐसे घाव मिले हैं, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। जब 28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हमले में मौत हुई थी, तो उस समय भारत के कई हिस्सों के साथ में जम्मू-कश्मीर में भी प्रदर्शन हुए। 

 

अब युद्ध के 24वें दिन में प्रवेश करने के साथ ही भारत में ईरान के लिए लोग मदद के लिए सामने आ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में दर्जनों लोग ईरान की मदद के लिए आगे आए हैं। बड़गाम में लोगों ने अपने सोने-चांदी के जेवर और बर्तन दान किए हैं। इसके साथ ही ईरान की मदद के लिए लोग अपने 1-1 महीने का वेतन भी दान कर रहे हैं।  

 

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जानवर भी दान किए 

अधिकारियों ने कहा कि डोनेशन में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों समेत हर तरह के लोगों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि खासकर महिलाओं ने आगे आकर सोने के गहने, तांबे के बर्तन और घर का दूसरा कीमती सामान दान करके दिल खोलकर योगदान दिया है। कुछ परिवारों ने जानवर भी दान किए हैं।

शिया-बहुल इलाकों से मिली मदद

भारत में लोगों द्वारा ईरान के लिए की जा रही मदद को लेकर खुद ईरान के राजदूत ने आधिकारिक तौर पर शुक्रिया किया है। इस मदद के लिए शुक्रिया अदा करते हुए ईरानी दूतावास ने X पर एक पोस्ट में कहा कि इस नेकी के काम को 'कभी नहीं भुलाया जाएगा'। दरअसल, ईद के एक दिन बाद घाटी के शिया-बहुल इलाकों में रविवार को युवाओं ने घर-घर जाकर ईरान में पश्चिम में चल रहे युद्ध से प्रभावित लोगों के लिए डोनेशन इकट्ठा किया।

 

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ईरानी एंबेसी ने क्या कहा?

डोनेशन की तस्वीरें शेयर करते हुए, ईरान के दूतावास ने X पर एक पोस्ट में कहा, 'पूरे दिल से शुक्रगुजार होकर हम कश्मीर के दयालु लोगों को उनके मानवीय सहायता और दिल से एकता के जरिए ईरान के लोगों के साथ खड़े होने के लिए दिल से धन्यवाद देते हैं। इस दयालुता को कभी नहीं भुलाया जाएगा। हम आपकी दयालुता और इंसानियत को कभी नहीं भूलेंगे। धन्यवाद, इंडिया।'