नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (NSO) ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि देश में घूमने-फिरने से ज्यादा मंहगी मेडिकल यात्राएं साबित हो रही हैं। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की ओर से जारी डोमेस्टिक टूरिज्म एक्सपेंडीचर सर्वे 2026 में कहा गया है कि बीते 365 दिनों में पूरी की गई एक रात की यात्राओं में स्वास्थ्य और इलाज के मकसद से सबसे ज्यादा यात्राएं की गईं हैं। 

डोमेस्टिक टूरिज्म एक्सपेंडीचर सर्वे 2026 के मुताबिक ग्रामीण इलाकों में एक हेल्थ ट्रिप पर औसतन 29,454 रुपये खर्च हुए जबकि शहरी इलाकों में यह खर्च बढ़कर 41,649 रुपये तक पहुंच गया। यह आंकड़ा घूमने-फिरने, तीर्थयात्रा, शॉपिंग के मकसद से की गई यात्राओं के मुकाबले सबसे ज्यादा है। यह सर्वे जुलाई 2025 से जून 2026 के बीच किया गया है।

तीर्थयात्रा पर जाते हैं भारतीय लेकिन खर्च कम करते हैं

सर्वे में यह सामने आया है कि बीते 365 दिनों में हुई कुल ओवर नाइट (रातभर) की यात्राओं में सबसे ज्यादा हिस्सा तीर्थयात्रा और धार्मिक यात्राओं का रहा। हर 100 यात्राओं में करीब 48 यात्राएं तीर्थ और धार्मिक मकसद से की गईं। स्वास्थ्य और इलाज के मकसद से यात्रा करने वालों की संख्या, कुल यात्राओं की तुलना में करीब 30 फीसदी रही। यात्राओं की संख्या ज्यादा होने के बावजूद तीर्थयात्रा पर खर्च मेडिकल ट्रिप जितना नहीं हुआ है।

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सोशल ट्रिप सबसे ज्यादा लेकिन बिजनेस ट्रिप पर खर्च ज्यादा

सर्वे में एक और दिलचस्प बात सामने आई है। बीते 30 दिनों में पूरी हुई यात्राओं में सबसे ज्यादा हिस्सा सोशल यानी सामाजिक मकसद से की गई यात्राओं का रहा। हर 100 यात्राओं में से 89 यात्राएं सामाजिक कारणों से हुईं हैं लेकिन खर्च सबसे ज्यादा बिजनेस ट्रिप पर हुआ है। ग्रामीण परिवारों ने एक बिजनेस ट्रिप पर औसतन 5,179 रुपये और शहरी परिवारों ने 6,934 रुपये खर्च किए।

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शॉपिंग पर धड़ल्ले से पैसे लुटाते हैं भारतीय

सर्वे के मुताबिक बिना रात गुजारे की जाने वाली यानी सेम डे ट्रिप में सोशल और शॉपिंग मकसद से सबसे ज्यादा यात्राएं हुईं। इनमें भी शॉपिंग पर सबसे ज्यादा खर्च हुआ। इसके बाद हेल्थ और मेडिकल मकसद से की गई सेम डे ट्रिप पर खर्च दूसरे नंबर पर रहा। कुल मिलाकर ग्रामीण परिवारों ने अपने सेम डे ट्रिप खर्च का 51 प्रतिशत और शहरी परिवारों ने 41 प्रतिशत हिस्सा शॉपिंग पर ही खर्च किया।

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बस या ट्रेन, किससे ज्यादा सफर करते हैं भारतीय?

NSO के सर्वे के मुताबिक ओवर नाइट यात्राओं के लिए ग्रामीण परिवार सबसे ज्यादा बस का इस्तेमाल करते हैं जबकि शहरी परिवारों की पहली पसंद ट्रेन रही। ठहरने के मामले में शहरी यात्री होटल और गेस्ट हाउस को प्राथमिकता देते हैं जबकि ग्रामीण यात्री अक्सर अपने घर या गैर व्यावसायिक ठिकानों पर रुकना पसंद करते हैं।