भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक बदलाव किया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपना संगठन तो बना लिया है, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार की नई टीम नहीं बनी है। अब मोदी सरकार 3.0 में मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी में नई जिम्मेदारी पाने वाले और राज्यसभा में जिनके कार्यकाल खत्म होने वाले हैं, उनकी जगह नए सहयोगी दलों और युवा चेहरों को जगह दी जा सकती है। इस समय मंत्रिमंडल में प्रधानमंत्री समेत 69 सदस्य हैं। 

संविधान के मुताबिक इसकी अधिकतम संख्या 81 हो सकती है, यानी 12 पद अभी खाली हैं। यह फेरबदल 2029 के लोकसभा चुनाव और उससे पहले होने वाले कुछ विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर किया जा सकता है। कुछ मंत्रियों पर ज्यादा काम का बोझ कम करने की भी कोशिश की जा सकती है। 

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3 चेहरों की जगह कौन लेगा?

नरेंद्र मोदी सरकार से 3 मंत्रियों ने की विदाई हुई है। धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री पद से हट गए थे। अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन और रेलवे राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने राज्यसभा का कार्यकाल खत्म होने पर इस्तीफा दे दिया। अब पार्टी में नए पद पाने वाले मंत्रियों को भी हटाया जा सकता है। इनमें दिल्ली और उत्तर प्रदेश के नए प्रदेश अध्यक्ष बने हर्ष मल्होत्रा और पंकज चौधरी शामिल हैं। 

किन चेहरों की विदाई हो सकती है?

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को हाल ही में पार्टी का कोषाध्यक्ष बनाया गया है। नवंबर में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और सामाजिक न्याय राज्य मंत्री बीएल वर्मा का राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने वाला है। प्रदर्शन के आधार पर भी कुछ मंत्रियों को हटाया जा सकता है। बीजेपी एक व्यक्ति-एक पद की नीति पर चलती है। आयु भी एक बड़ा कारक बन सकता है। फिलहाल कम से कम 12 कैबिनेट और स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री 70 साल से ऊपर हैं। 

 

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बिहार के सहयोगी दल हिंदु्स्तान आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी 81 साल के साथ सबसे उम्रदराज हैं, जबकि आंध्र प्रदेश के टीडीपी केके राम मोहन नायडू 38 साल के सबसे युवा हैं। सूत्रों का कहना है कि युवा और महिलाओं की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है।

किन राज्यों के चेहरों को मिलेगा बड़ा मौका?

हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों से नए चेहरे लाए जा सकते हैं। महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे का नाम कैबिनेट के लिए चर्चा में है। पंजाब में AAP से बीजेपी में आए सांसदों को भी जगह मिल सकती है। शिरोमणि अकाली दल के साथ दोबारा गठबंधन की बात भी चल रही है। पश्चिम बंगाल के कुछ तृणमूल सांसद भी जगह पा सकते हैं।

 

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कई विभाग संभालने वाले मंत्रियों को राहत मिलेगी?

 14 मंत्री फिलहाल एक से ज्यादा विभाग संभाल रहे हैं। फेरबदल में इनके काम का बोझ भी बांटा जा सकता है। अमित शाह, जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, अश्विनी वैष्णव समेत कई मंत्री कई-कई विभाग देख रहे हैं। बीजेपी ने इन अटकलों पर अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि कैबिनेट में दोहरे पद वाले कई मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है।