NEET -UG 2026 के रिजल्ट को लेकर उठे विवाद के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी ने पांच छात्रों की ओर से OMR आंसर शीट में गड़बड़ी के लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। NTA का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल की गईं OMR शीट की तस्वीरें असली नहीं हैं बल्कि उन्हें AI, OCR और अन्य डिजिटल टूल्स की मदद से बदलकर तैयार किया गया है।
NTA ने सोमवार को पूरी सफाई देते हुए कहा कि जांच में उसके सर्वर पर सुरक्षित रखी गई असली OMR रिकॉर्ड में किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं मिली। एजेंसी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों में कहीं जवाब बढ़ाकर दिखाए गए, कहीं छात्र की पहचान बदल दी गई और कुछ मामलों में पूरी OMR को डिजिटल तरीके से दोबारा बनाकर पेश किया गया। NTA ने साफ कहा कि इस तरह की छेड़छाड़ का असली परीक्षा रिकॉर्ड पर कोई असर नहीं पड़ता।
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NTA ने इन 5 छात्रों के दावों की खोली पोल
NTA ने जिन 5 छात्रों के दावों की जांच की उनमें अवनीश श्रीवास्तव, प्रतिभा त्रिवेदी, अभय यादव, लक्ष्य सिंह और आर्या सिंह शामिल हैं। एजेंसी का कहना है कि इन सभी छात्रों की असली OMR शीट, उनके साइन, अंगूठे के निशान और परीक्षा केंद्र से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा गया है।
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- अवनीश श्रीवास्तव के मामले में वायरल OMR पर "अजीत सिंह" नाम दर्ज था, जबकि इस नाम का कोई अभ्यर्थी NEET-UG 2026 के रिकॉर्ड में मौजूद नहीं मिला। NTA ने बताया कि अवनीश की असली OMR पहले ही रिस्पॉन्स-की चैलेंज के दौरान उन्हें ईमेल की जा चुकी थी और उनके 337 अंक सही पाए गए।
- वहीं प्रतिभा त्रिवेदी की वायरल OMR को भी डिजिटल रूप से बदला हुआ बताया गया। एजेंसी का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुई उनकी OMR शीट की तस्वीर असली OMR से छेड़छाड़ करके बनाई गई थी। NTA के मुताबिक, प्रतिभा के 38 नंबर ही सही हैं और उनकी OMR में किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं हुई।
- अभय यादव के मामले में भी NTA ने उनका दावा गलत बताया। अभय ने कहा था कि उन्होंने परीक्षा में सिर्फ 5 सवाल छोड़े थे लेकिन NTA की आधिकारिक OMR शीट में पता चला कि उन्होंने 44 सवालों के जवाब ही नहीं दिए थे। एजेंसी ने साफ कहा कि उनके 164 अंक पूरी तरह सही हैं और सभी रिकॉर्ड की जांच के बाद ही जारी किए गए हैं।
- लक्ष्य सिंह के मामले में वायरल OMR को देखकर ऐसा लगा कि उसमें बाद में कुछ अतिरिक्त जवाब भरे गए थे। जबकि NTA के असली रिकॉर्ड के मुताबिक, लक्ष्य ने सिर्फ 54 सवाल हल किए थे और उन्हें 116 अंक मिले थे।
- आर्या सिंह की जो OMR सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी उसमें परीक्षा पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर का समय भी 3:45 बजे से बदलकर 2:45 बजे कर दिया गया था। जांच में पता चला कि उनके 167 अंक बिल्कुल सही थे। NTA के मुताबिक, OMR में किए गए ये सभी बदलाव डिजिटल तरीके से किए गए थे।
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फर्जी दस्तावेजों पर होगी कानूनी कार्रवाई
NTA ने कहा कि असली OMR शीट और स्कोरकार्ड में बारकोड, बुकलेट नंबर, आंसर शीट नंबर और QR कोड जैसी सुरक्षा व्यवस्था होती है, जिन्हें बदलकर आधिकारिक रिकॉर्ड से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि फर्जी OMR या स्कोरकार्ड बनाने और प्रसारित करने वालों के खिलाफ Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और IT एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, जिन उम्मीदवारों को वास्तविक शिकायत है वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
