जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी अलग रह रहीं पत्नी पायल के बीच तलाक को लेकर सहमति बन गई है। यह बात खुद सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कही। अब दोनों आपसी सहमित से एक दूसरे को तलाक दे देंगे। कपल ने कोर्ट को बताया कि वे आपसी सहमति से अपनी शादी खत्म करने और सभी पेंडिंग झगड़ों को निपटाने के लिए सहमत हो गए हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि इन्हीं शर्तों पर इस केस का फैसला होगा।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उमर अब्दुल्ला की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि पति-पत्नी के बीच सभी विवाद आपसी सहमति से सुलझ गए हैं।
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सभी मामलों को वापस ले लिया जाएगा
कोर्ट में बताया गया है कि दोनों पक्षों की ओर से लंबित अन्य सभी मामलों को वापस ले लिया जाएगा। इस पर कोर्ट ने संतोष जताते हुए कहा कि यह एक सकारात्मक पहल है। बेंच ने कहा कि वह दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते को रिकॉर्ड पर लेते हुए इन्हीं शर्तों के अनुसार मामले का निस्तारण करेगी।
हाई कोर्ट ने अर्जी की थी खारिज
दरअसल, तलाक का मामला पहले दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहा था लेकिन हाई कोर्ट ने उनकी तलाक की अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में दोनों पक्षों को एकसाथ बैठकर मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने को कहा था।
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'गंभीरता दिखाएंगे और मामला सुलझ जाएगा'
कोर्ट ने कहा था कि हम उम्मीद करते हैं कि दोनों पक्ष गंभीरता दिखाएंगे और मामला सुलझ जाएगा। सुनवाई के दौरान वकील कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया था कि पायल तलाक नहीं देना चाहतीं और 300 करोड़ की एलिमनी की मांग कर रही हैं, जबकि दोनों 15 सालों से अलग रह रहे हैं।
2009 से अलग रह रहे हैं दोनों
उमर और पायल की शादी सितंबर 1994 में हुई थी। मगर, दोनों मतभेदों के कारण 2009 से ही अलग रह रहे हैं। इसी साल से उमर जम्मू-कश्मीर में रह रहे हैं, जबकि उनकी पत्नी और दो बच्चे दिल्ली में रह रहते हैं। पायल आर्मी मेजर जनरल रामनाथ की बेटी हैं। उनके पिता मूल रूप से लाहौर के रहने वाले हैं। देश के विभाजन के बाद उनका परिवार लाहौर से भारत आ गया था। उमर और पायल ने लव मैरिज की थी।
