प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को बतौर मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री सरकार के मुखिया के तौर पर 25 साल पूरे किए। PM मोदी 2001 से 2014 तक गुजरात के CM रहे। इसके बाद 2014, 2019 और फिर 2024 में प्रधानमंत्री बने। 25 साल पूरे होने पर PM मोदी ने देश के सामने एक बार फिर बड़ा संकल्प दोहराया, उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित देश बनाना है और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को पूरा करना है।
इसी भरोसे के साथ PM मोदी ने आज 'हम करके रहेंगे... We Will Do It.' के नारे लगाए।' विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित करते हुए अपने जीवन से जुड़ी कुछ अहम बातें भी बताईं। PM मोदी ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में 'विकसित भारत संकल्प सभा-सेवा ज्योति यात्रा' कार्यक्रम से आज ये बाते कहीं।
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'चुनावी राजनीति में चमकना मेरा मिजाज नहीं', PM मोदी
'साथियों, सरकार के मुखिया के तौर पर 25 वर्षों की ये निरंतर यात्रा, लोग इसे उपलब्धि मानते हैं लेकिन मैं इसे कैसे देखता हूं? मेरे लिए ये व्यक्तिगत महिमामंडन का विषय नहीं है और न ही ये इसका अवसर है। आज से 25 साल पहले, 50 वर्ष की आयु में, जंगलों में आदिवासियों की सेवा करते-करते गुजरा, पहाड़ों में जिंदगी बिताई और भारतीय जनता पार्टी में संगठन की राह चुनी, मेरा राजनीतिक रिपोर्ट कार्ड सिर्फ संगठन का काम करने वाले का ही था। मैंने चुनाव लड़ाए थे लेकिन एक भी चुनाव नहीं लड़ा था।
उन्होंने आगे कहा, 'चुनावी राजनीति में चमकने की चाहत होती, तो बहुत पहले ही मैदान में उतर सकता था लेकिन ये मेरा मिजाज नहीं था। मैं जीवन में क्या बनूंगा? मेरा क्या होगा, यह कभी सोचा ही नहीं। क्योंकि बाल काल से जो मुझे शिक्षा-दीक्षा मिली, शिक्षा-दीक्षा यही थी कि मैं एंबिशन के लिए नहीं, मिशन के लिए जीवन जीने वाला इंसान रहा हूं।'
'जिसने जिताया, उसने विनम्र होना सिखाया', PM मोदी
PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरी सीखने की क्षमता कभी कम न हो। मैं जितना सीखूंगा, देश के लिए करने का सामर्थ्य उतना ही बढ़ेगा। जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो कृतज्ञता का भाव ही आता है। मैं कृतज्ञ हूं हर उस व्यक्ति हर उस घटना के प्रति, जिसने मुझे कुछ न कुछ सिखाया। जिसने मुझे जिताया उसने मुझे विनम्र होना सिखाया और जिसने मुझे गिराया, उसने मुझे फिर उठना सिखाया।
आज अपने लिए भी की प्रार्थना
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि आज सुबह मैं श्री विनायक मंदिर में दर्शन के लिए गया था। मैंने परमात्मा के सामने देश के लिए प्रार्थना की और 140 करोड़ भारतवासियों के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि मैने अपने लिए भी प्रार्थना की। प्रार्थना ये कि परमात्मा मुझे इतनी शक्ति और सामर्थ्य दें कि मैं अपने देश के लिए और अधिक ऊर्जा के साथ काम कर सकूं। देशवासियों की और अधिक सेवा कर सकूं, दिन-रात सेवा कर सकूं।
'मैं जो कुछ भी हूं, जनता की वजह से हूं', PM मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने ने आगे कहा, 'आज मैं जो कुछ हूं, जहां भी हूं, जिस दायित्व पर हूं, उसमें सबसे बड़ा योगदान जनता-जनार्दन का ही है। मेरे लिए जनता-जनार्दन ईश्वर का ही रूप है। लाखों-करोड़ों देशवासियों के विश्वास और लाखों कार्यकर्ताओं का परिश्रम ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है। ये 25 वर्ष का अनुभव बहुत बड़ी पूंजी है और ये पूंजी सिर्फ मोदी की नहीं है ये पूंजी देश की है।
