राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को संसद में एक अहम मुद्दा उठाया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में उस मंच का शुद्धीकरण कराया जहां वह भाषण देकर आए थे। उन्होंने कहा कि वह कभी खुद के दलित होने को मुद्दा नहीं बनाते हैं लेकिन इस तरह की बातें दुखी करती हैं। इस पर जे पी नड्डा ने कहा कि बीजेपी इसका कतई समर्थन नहीं करती है और इसकी जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी इस मुद्दे को गहराई से देखेंगे।
इससे पहले, भारतीय जनता पार्टी ने कहा था कि हल्द्वानी में कराया गए 'शुद्धीकरण यज्ञ' से उसका कोई लेना-देना नहीं है। बता दें कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली को संबोधित किया था। उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाए है कि यह बीजेपी के ही इशारे पर किया गया है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने क्या कहा?
हलद्वानी में हुई घटना का संसद में जिक्र करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'बड़े दुख के साथ कहना चाहता हूं कि मैंने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में भाषण दिया। वहां लाखों लोग थे, उस वक्त मैंने किसी समाज का, किसी धर्म का नाम नहीं लिया। मैंने सिर्फ लोगों की समस्याएं बताईं लेकिन मेरा भाषण होने के बाद बीजेपी के लोगों ने हवन करके उस स्टेज का शुद्धीकरण करने का काम किया। आपने इसके बारे में अखबार में पढ़ा होगा। क्या यह लोकतंत्र का तरीका है? आप कैसे संविधान की रक्षा कर रहे हैं? मैं विपक्ष का नेता हूं।'
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राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की इस बात का जवाब राज्यसभा में सत्ता पक्ष के नेता जे पी नड्डा ने दिया। उन्होंने कहा, 'जो खड़गे जी ने कहा है वह सच में दुखदाई है। यह सिर्फ कांग्रेस के लिए नहीं, हम सब के लिए दुखदाई है। खड़गे जी ने कहा कि बीजेपी के लोग थे इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि बीजेपी ऐसी चीजों का समर्थन नहीं करती है। यहां राष्ट्रीय अध्यक्ष जी बैठे हैं, मैं भी राष्ट्रीय अध्यक्ष रहा हूं इसलिए मैं बता रहा हूं कि हम इसकी तहकीकात करेंगे। जो भी बात हुई है उसकी जांच हुई और मैं इसकी निंदा करता हूं। आपकी भावनाओं को जो ठेस पहुंची है, वह हम सबके लिए खेद का विषय है।'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं कभी भी इसको राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहता हूं। मैं इस सदन में सालों से हूं लेकिन मैं दलित हूं इसलिए मेरी रक्षा करो, मेरी मदद करो इसके लिए मैं कभी किसी के आगे हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाया नहीं। लड़ने की शक्ति है, मैं लड़ता हूं लेकिन तुम शुद्धीकरण करके मेरा अपमान करते हो।'
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किसने कराया 'शुद्धीकरण यज्ञ'?
यह 'शुद्धीकरण' श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास के सचिव राम अवस्थी की अगुवाई में कराया गया। इस संगठन के एक सदस्य का कहना है कि कांग्रेस की इस सभा के दौरान इस्लामिक नारे लगाए गए और हिंदू संगठनों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। इस संगठन का कहना है कि उसका किसी राजनीतिक पार्टी से संबंध नहीं है। साथ ही, उसका यह भी कहना है कि धार्मिक-सांस्कृतिक गरिमा की पुनर्स्थापना के लक्ष्य से यह हवन करवाया गया।
