यौन उत्पीड़न केस में दोषी पाए गए पू्र्व पत्रकार और संपादक तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उन्हें 2 हफ्ते में सरेंडर करना होगा। तरुण तेजपाल ने हाई कोर्ट के फैसले को चुनाती देते हुए मांग की थी कि जब तक उनके केस में सुनवाई ना हो तब तक उन्हें सरेंडर करने को ना कहा जाए। अपनी जूनियर के यौन उत्पीड़न के दोषी पाए गए तरुण तेजपाल को बॉम्बे हाई कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई है।
तहलका पत्रिका के संपादक रहे तरुण तेजपाल को इसी महीने बॉम्बे हाई कोर्ट ने दोषी करार दिया था। इससे पहले निचली अदालत ने तरुण को बरी कर दिया था। हाई कोर्ट ने दोषी करार देने के बाद 10 साल की सजा सुनाई थी। इसी फैसले को चुनौती देने के लिए तरुण तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब सुप्रीम कोर्ट के जज आलोक अराढे की बेंच उनकी याचिका पर सुनवाई करने को तैयार हो गई है।
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सरेंडर किया तभी होगी सुनवाई?
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि तरुण तेजपाल को 2 हफ्ते के अंदर सरेंडर करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर वह सरेंडर सर्टिफिकेट पेश कर देते हैं तो उनकी याचिका पर 22 सितंबर को सुनवाई की जाएगी। तरुण तेजपाल की उस मांग को खारिज कर दिया गया है जिसमें वह चाहते थे कि जब तक उनके केस की सुनवाई ना हो जाए तब तक उन्हें सरेंडर करने से छूट दी जाए।
क्या है वह केस जिसमें तरुण तेजपाल को हुई सजा?
साल 2013 में तरुण तेजपाल तहलका पत्रकारिता के संपादक थे। उस दौरान उनके साथ काम करने वाली एक महिला पत्रकार ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। पीड़िता के मुताबिक, 7 और 8 नवंबर 2013 को तरुण तेजपाल ने एक होटल की लिफ्ट में उनका यौन उत्पीड़न किया। 18 नवंबर को पीड़िता ने इसकी शिकायत तहलका की तत्कालीन मैनेजिंग एडिटर शोमा चौधरी से की थी। अगले दिन तरुण तेजपाल ने इसके लिए माफी भी मांगी थी।
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इस ईमेल में तरुण तेजपाल ने लिखा था, 'मैं बिना शर्त माफी मांगता हूं कि मेरे कुछ शर्मिंदा कर देने वाले फैसलों के चलते मैंने 7 और 8 नवंबर 2013 को मैंने इस तरह की हरकत की। मुझे दुख है कि आपके इनकार करने के बावजूद मैंने ऐसा किया।' इसी ईमेल के बाद तरुण तेजपाल ने 6 महीने के लिए एडिटर के पद से इस्तीफा दे दिया था ताकि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जा सके।
इस केस में निचली अदालत ने तरुण तेजपाल को बरी कर दिया था। हालांकि, हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए तरुण तेजपाल को दोषी करार दिया और 10 साल की सजा भी सुनाई।
