ब्रिक्स सम्मेलन 2026 में सभी साझेदार देशों ने एक साथ साझा बयान जारी की है। इस साझे बयान को 'न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन' नाम दिया गया है। समूह के सभी देशों की सहमति के बाद न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन जारी किया गया। इसमें संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका द्वारा एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों, जम्मू-कश्मीर में पहलगाम आतंकी हमले, पश्चिम एशिया में तनाव आदि का जिक्र किया गया है।
इसमें गाजा में युद्धविराम और शांतिपूर्ण परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमलों पर गंभीर चिंता जताई गई है। समूह ने संयुक्त राष्ट्र में सुधार और गाजा में युद्धविराम की बात करहक एक तरह से अमेरिका और इजरायल को कड़ा संदेश दिया है। ऐसे में आइए न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन की बड़ी और अहम बातें जानते हैं...
यह भी पढ़ें: हर दिन 270 बच्चे गुम, SC का नोटिस; अवैध एडॉप्शन रोकने में कहां हो रही चूंक?
- संयुक्त राष्ट्र (UN) में व्यापक सुधार की मांग दोहराई गई। सुरक्षा परिषद में विकासशील देशों और ग्लोबल साउथ को अधिक प्रतिनिधित्व देने पर जोर दिया गया है। चीन और रूस ने भारत और ब्राजील की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में बड़ी भूमिका की आकांक्षाओं का समर्थन दोहराया गया है।
- एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों (Unilateral Sanctions) और सेकेंडरी सैंक्शन्स का विरोध किया गया है। साथ ही इन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया गया है।
- विश्व व्यापार संगठन (WTO) में सुधार और संरक्षणवाद और एकतरफा टैरिफ बढ़ाने का विरोध किया गया। यह इशारा साफ तौर पर अमेरिका की तरफ है।
- जम्मू-कश्मीर के 22 अप्रैल 2025 के आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और सभी UN-नामित आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
- मध्य पूर्व/पश्चिम एशिया में तनाव पर चिंता जताई गई और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की गई है।
- गाजा में युद्धविराम, मानवीय सहायता और दो-राष्ट्र समाधान (Two-State Solution) के समर्थन को दोहराया गया। फिलिस्तीन की संयुक्त राष्ट्र सदस्यता का समर्थन किया गया।
- इसमें शांतिपूर्ण परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमलों पर गंभीर चिंता जताते हुए IAEA सुरक्षा मानकों के पालन पर जोर दिया गया है।
- बहुध्रुवीय (Multipolar) विश्व व्यवस्था और नियम-आधारित बहुपक्षवाद को मजबूत करने की भी प्रतिबद्धता जताई गई है।
- सूडान और सीरिया में संघर्ष समाप्त करने, युद्धविराम और राजनीतिक समाधान की अपील की गई।
- दुनियाभर में तेजी से फैल रहे साइबर अपराध, डिजिटल धोखाधड़ी, डीपफेक, दुष्प्रचार और ऑनलाइन स्कैम नेटवर्क से निपटने के लिए ब्रिक्स सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के वैश्विक शासन, सुरक्षित और भरोसेमंद AI और ग्लोबल साउथ के लिए AI सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। भारत में आयोजित AI Impact Summit 2026 की सराहना की गई।
- स्वास्थ्य क्षेत्र में टीबी उन्मूलन, महामारी तैयारी, मानसिक स्वास्थ्य, डिजिटल हेल्थ और ब्रिक्स इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम को बढ़ावा देने का फैसला लिया गया।
- खाद्य सुरक्षा, BRICS Grain Exchange, कृषि सहयोग और किसानों के अधिकारों को मजबूत करने पर सहमति बनी।
- ऊर्जा सुरक्षा, स्मार्ट ग्रिड, हाइड्रोजन, क्रिटिकल मिनरल्स और संतुलित ऊर्जा संक्रमण पर सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
- स्टार्टअप, MSME, इंडस्ट्री 4.0, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर ब्रिक्स सहयोग को और मजबूत करने की घोषणा की गई है।
