श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव पद से चंपत राय इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राम मंदिर चंदा चोरी केस में उनके नाम पर सबसे ज्यादा हंगामा मचा था। विपक्ष से लेकर ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती तक उनसे इस्तीफे की मांग कर रहे थे। अयोध्या में कथित चंदा चोरी की जांच के लिए गठित SIT ने 8 लोगों के खिलाफ नामजद FIR भी दर्ज की है। सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।

ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में यह मामला दर्ज किया गया है। बृहस्पतिवार को रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव और मनीष कुमार यादव के खिलाफ नामजद और अन्य के खिलाफ नामजद FIR हुई है। सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। 

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कौन से आरोप लगे हैं?

आरोपियों के खिलाफ चोरी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड्यंत्र समेत विभिन्न आरोपों में भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित दान और चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने SIT जांच की अपील की थी। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जांच के लिए 13 जून को SIT गठित हुई। 

SIT में कौन शामिल है?

SIT में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि SIT की निष्पक्ष जांच से 'दूध का दूध और पानी का पानी' होकर रहेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

केस कैसे सामने आया?

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को 7 जून को एक खबर का हवाला देते हुए उठाया था। उन्होंने इसमें न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की थी। बाद में इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया। 

 

 



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जिन धाराओं में केस दर्ज हुआ, उनमें क्या है?

  • धारा 306: मालिक के कब्जे वाली संपत्ति की लिपिक या नौकर द्वारा चोरी
  • धारा 316: आपराधिक विश्वासघात
  • धारा 317: बेईमानी से चोरी की संपत्ति प्राप्त करना
  • धारा 61: आपराधिक साजिश 

किसकी क्या जिम्मेदारी थी?

सुभाष श्रीवास्तव नकदी गिनने वाले कर्मचारियों के प्रभारी थे, जबकि अन्य आरोपी नकदी या कीमती सामान गिनने में शामिल थे या अलग-अलग भूमिकाओं में इस प्रक्रिया से जुड़े थे। FIR में नामजद रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के बारे में बताया गया है कि वह ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का पहले वाहन चालक रहा है। मंदिर में दान के तौर पर मिले नकद रुपयों और कीमती सामान को गिनने में लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा समेत अन्य आरोपी भी शामिल रहे हैं। 

चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा क्यों दिया?

चंपत राय और अनिल मिश्रा, अहम पदों पर थे। उनके खिलाफ न तो नामजद FIR दर्ज की गई, न ही उन्हें संदिग्ध बनाया गया। विवाद बाद भी दोनों अपने पदों पर बरामद थे, इस्तीफा नहीं लिया गया और जवाबदेही तक नहीं तय की गई। अब विवाद के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा है।

 

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सीएम योगी ने क्या कहा था?

योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश:-
SIT रिपोर्ट आते ही कार्रवाई शुरू हो गई। हम सच्चाई और झूठ को अलग-अलग कर देंगे। सनातन धर्म के विश्वास के साथ छेड़छाड़ करने वालों को परिणाम भुगतना पड़ेगा। किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी। 

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की रिपोर्ट आने के तुरंत बाद ही कार्रवाई शुरू कर दी गई। उन्होंने कहा, 'अयोध्या पर बुरी नजर न डालें। राम भक्तों की परीक्षा न लें। अगर आपके पास कोई सबूत है तो उसे SIT के सामने रखें।'