बिहार में पिछले साल 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान जिस राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को भाव नहीं दिया था। अब वही एआईएमआईएम, आरजेडी की मजबूरी बन गई है। चुनाव के दौरान आरजेडी ने एआईएमआईएम को अपने गठबंधन में नहीं शामिल किया था। मगर, अब बिहार में ऐसे समीकरण बने हैं कि मजबूरन आरेजेडी के एआईएमआईएम को साथ लेना ही होगा।
अपनी अहमियत समझते हुए एआईएमआईएम ने भी आरजेडी से विधानपरिषद चुनाव के लिए एक सीट की मांग की है। दरअसल, मंगलवार को बिहार विधानपरिषद की 9 सीटों के लिए 18 जून को चुनाव होने हैं। यह चुनाव हर दो साल बाद होते हैं। इसमें सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम हिस्सा लेगी।
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अब समय आ गया है- एआईएमआईएम
इस चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने के बाद खाली हुई एक सीट पर उपचुनाव भी कराया जाएगा। एआईएमआईएम की बिहार इकाई के अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने कहा, 'जब हमने राज्यसभा चुनाव में एक सीट पर अपना दावा छोड़कर इंडिया गठबंधन का समर्थन किया था, तब तेजस्वी यादव ने भविष्य में हमारे हितों पर विचार करने का आश्वासन दिया था। अब समय आ गया है कि वह उस वादे को पूरा करें।'
क्या है विधानपरिषद सीट का खेल?
विपक्षी इंडिया गठबंधन के पास बिहार विधानसभा में 35 विधायक हैं, जिससे वह 10 विधानपरिषद सीट में से एक सीट आसानी से जीत सकता है। हालांकि दूसरी सीट पर उसकी संभावनाएं एआईएमआईएम और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायकों के समर्थन और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के खेमे में होने वाले संभावित क्रॉस वोटिंग पर निर्भर करती हैं।
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आरजेडी के सामने रखी शर्त
अख्तरुल इमान ने कहा, 'हमारा राजनीतिक उद्देश्य सांप्रदायिक ताकतों को हराना है। हमें पता है कि एआईएमआईएम के पास अपने दम पर विधानपरिषद की एक सीट जीतने के लिए पर्याप्त विधायक नहीं हैं और हमें अन्य दलों के समर्थन की आवश्यकता है। यदि आरजेडी भविष्य में हमारा सहयोग चाहता है, तो उसे अभी हमें मौका देना चाहिए।'
एआईएमआईएम के पांच विधायक
बिहार एआईएमआईएम के पांच विधायक हैं। राज्य में 18 जून को विधानपरिषद की जिन सीट पर चुनाव होना है, उनमें से दो सीट आरजेडी के पास हैं। इनमें एक सीट पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के करीबी सहयोगी सुनील कुमार सिंह की है। बिहार विधानसभा में छह विधायकों वाली कांग्रेस के पास भी विधानपरिषद की एक सीट है, जिस पर वर्तमान में समीर कुमार सिंह काबिज हैं। यह सीट 28 जून को खाली हो रही है।
अख्तरुल इमान ने कहा कि वह विधानपरिषद चुनाव में एआईएमआईएम उम्मीदवार को एक सीट दिलाने के लिए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव से बातचीत करेंगे। इस चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो चुकी है।
