बांकीपुर उपचुनाव से ठीक पहले तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में कार्यकर्ताओं का कोई मान-सम्मान नहीं बचा है। शिकायत के बावजूद भी संज्ञान नहीं लिया जाता है। तेजस्वी यादव पार्टी को दीमक की तरह चाटने वाले लोगों से घिरे हैं। तिवारी ने कहा कि कोई अपमानित होकर सियासत नहीं कर सकता है। इसी कारण आरजेडी छोड़ने का फैसला लिया है।

 

आरजेडी में मृत्युंजय तिवारी को न केवल तेजस्वी यादव बल्कि उनके पिता लालू प्रसाद यादव का भरोसेमंद माना जाता था। यही कारण है कि पिछले एक दशक से वह पार्टी प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी जैसी अहम जिम्मेदारी संभाल रहे थे। हालांकि अब उन्होंने अपने इस्तीफे को अपमान से जोड़कर सियासी भूचाल ला दिया है। इतना ही नहीं कुछ नेताओं पर पार्टी को बर्बाद करने का आरोप भी लगाया।

 

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यह आरोप तब और अहम हो जाते हैं जब इससे पहले तेजस्वी यादव के बड़े भाई तेज प्रताप यादव भी जयचंदों की कहानी कई बार सुना चुके हैं। बहन रोहिणी आचार्य ने भी कुछ नेताओं पर पार्टी को बर्बाद करने और अपमानित करने का आरोप लगाया था।

मेरे जैसे कार्यकर्ताओं का पार्टी में कोई सम्मान नहीं: तिवारी

मृत्युंजय तिवारी ने एक वीडियो में कहा, 'आज हमने राष्ट्रीय जनता दल के सभी पदों से त्यागपत्र दे दिया है। आज पार्टी कार्यालय में प्रदेशाध्यक्ष मंगनी लाल मंडल और तमाम वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हमने स्पष्ट रूप से कहा कि अब मेरे जैसे समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्ता के लिए पार्टी में कोई सम्मान नहीं है।'

 

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तेजस्वी ने भी नहीं सुनी शिकायत

उन्होंने आगे कहा कि बार-बार कहने के बावजूद भी किसी वरिष्ठ नेता ने संज्ञान नहीं लिया। हमने कई बार विरोधी दल के नेता तेजस्वी यादव से भी शिकायतें कीं, लेकिन उन्होंने भी संज्ञान में नहीं लिया। मेरे जैसे समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्ता के लिए इस पार्टी में बने रहने का कोई औचित्य नहीं बनता, क्योंकि अपमानित होकर कोई राजनीति नहीं कर सकता है।

'कुछ लोगों ने पार्टी को बर्बाद कर दिया'

मृत्युंजय तिवारी ने आगे कहा कि हमने बुरे दिनों में राष्ट्रीय जनता दल का साथ दिया था। साल 2014 में राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी दी। हमने बखूबी जिम्मेदारी का निर्वहन किया और राष्ट्रीय जनता दल की नीतियों को आगे बढ़ाया। लेकिन इस पार्टी में कुछ ऐसे लोग हैं, जिन्होंने दीमक की तरह चाटकर पार्टी को बर्बाद कर दिया। वैसे लोगों से अगर तेजस्वी जी घिरे हुए हैं तो फिर हम जैसे कार्यकर्ताओं के लिए पार्टी में रहना उचित नहीं है।