कांग्रेस नेता राहुल गांधी पंबाज में चल रही पार्टी नेताओं की गुटबाजी को खत्म करने के लिए एक्टिव हो गए हैं। वह जानते हैं कि गुटबाजी को खत्म नहीं किया गया तो यह आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को दिक्कत दे सकता है। दरअसल, इसी गुटबाजी से बचने के लिए कांग्रेस ने पंबाज के 66 बड़े नेताओं को दिल्ली बुलाया है। इन नेताओं की राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात होगी।
पंजाब के इन नेताओं के साथ बैठक करके पार्टी यह पता लगाएगी कि चुनाव से पहले स्टेट यूनिट को फिर से बनाने की जरूरत है या नहीं।
समय से पहले हो सकते हैं चुनाव
यह कवायद ऐसे समय में हो रही है जब पंजाब में विधानसभा चुनाव समय से पहले कराने की चर्चाएं चल रही है। बीजेपी ने पहले ही पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गोवा में अपनी स्टेट यूनिट्स को फरवरी 2027 में होने वाली जनगणना की गिनती के साथ टकराव से बचने के लिए विधानसभा चुनाव कम से कम एक महीने पहले कराने की संभावना के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।
यह भी पढ़ें: जिनको बीजेपी ने तोड़ा, वे राहुल गांधी में क्यों ढूंढ रहे भविष्य? समझिए
पंजाब की रिपोर्ट तैयार कर रहे अजय माकन
दरअसल, कांग्रेस ने कोषाध्यक्ष अजय माकन की अगुवाई में तीन सदस्यों का एक पैनल बनाया है। यह पैनल पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात पर रिपोर्ट तैयार कर रहा है। रिपोर्ट में गुटबाजी को भी शामिल किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस हाईकमान चुनावी रणनीति तैयार करेगा।
सीनियर नेता बैठक में शामिल
अजय माकन ने मीनाक्षी नटराजन और भजन लाल जाटव के साथ मंगलवार को CWC के सदस्य अंबिका सोनी, चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और विजय इंदर सिंगला, राजिंदर कौर भट्टल और शमशेर सिंह ढुल्लो, प्रताप सिंह बाजवा के अलावा सांसद और विधायकों समेत 33 नेताओं से मुलाकात की। इस बैठक में सभी के विचार सुने गए। यह पैनल बुधवार को पंबाज के पूर्व मंत्रियों और जिला कांग्रेस अध्यक्षों के साथ बैठक करेगा।
यह भी पढ़ें: सोनभद्र में 4 विधानसभा सीटें, 70 साल में सिर्फ एक महिला बन पाईं विधायक
हालांकि, इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, बैठक में चुनावी कैंपेन के लिए मुद्दे, आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ लोगों के बीच चर्चा आदि पर सवाल किए जा रहे हैं।
