मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल कर दिया। नामांकन दाखिल करने के बाद एक सभा का आयोजन किया गया था। इसी कार्यक्रम के दौरान मंच पर सीएम के साथ में नरोत्तम मिश्रा और आशुतोष तिवारी मौजूद थे। नरोत्तम मिश्रा जैसे ही सभा को संबोधित करके मंच पर वापस बैठे वैसे ही लोगों और कैमरों की नजर उनपर टिक गई।

 

दरअसल, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा आशुतोष तिवारी की नामांकन रैली के दौरान भावुक हो गए। उनकी आंखों से आंसू बहने लगे। जैसे ही वह सीएम मोहन की कुर्सी के बराबर में बैठ, पास में बैठे सीएम मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उन्हें संभाला। 

 

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हम सब एक साथ हैं- मिश्रा

आशुतोष तिवारी के नामांकन के बाद दतिया के किला चौक पर बीजेपी की सभा आयोजित की गई थी। सभा में हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि दतिया से बीजेपी की जीत पक्की है। वहीं नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस ने बीजेपी में फूट की बात कही है, लेकिन इस मौके पर हम सब एक साथ हैं। सभी कार्यकर्ताओं के दम पर चुनाव जीता जाएगा। 

 

 

 

नरोत्तम मिश्रा ने क्या कहा?

मिश्रा ने कहा कि राजा और रंक में फर्क होता है। कांग्रेस के प्रत्याशी राजा हैं और दूसरी तरफ हम लोग हैं जो बचपन से राष्ट्र की सेवा के लिए घर से निकले हैं। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वे दतिया के एक-एक दरवाजे पर अपनी शीश नवाएंगे और भाजपा प्रत्याशी को जिताएंगे। इतना कहकर नरोत्तम मिश्रा का गला भर आया। उनका चेहरा रुआंसा सा हो गया।

 

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दतिया से बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने कहा, 'मुझे लीडरशिप पर भरोसा है और मैं उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा।' बता दें कि नरोत्तम मिश्रा को दतिया से टिकट नहीं मिला है लेकिन वह आशुतोष तिवारी के नामांकन में एक साथ पहुंचे।