पिछले महीने की 10 तारीख यानी 10 सितंबर को मायावती ने आकाश आनंद को बहुजन समाज पार्टी (BSP) से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। मायावती उसके बाद से लगातार बयानबाजी कर रही हैं लेकिन आकाश आनंद चुप थे। अब आकाश आनंद ने पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि उनकी चुप्पी को गलत समझा गया। आकाश आनंद ने यह भी कहा है कि वह अभी या भविष्य में भी किसी भी पार्टी में नहीं जा रहे हैं और BSP में रहकर ही सेवा का अवसर चाहते हैं। आकाश आनंद ने अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकालने और उनके संन्यास के फैसले का भी समर्थन करते हुए लिखा है कि वह मायावती के इस फैसले के साथ खड़े हैं।
इससे पहले, मायावती ने आकाश आनंद को BSP के सभी पदों से हटाते हुए कहा था कि अगर उनका राजनीतिक करियर बचाना है तो उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेना होगा। इसके बाद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास का एलान भी कर दिया था लेकिन मायावती इस बार पर नाराज हो गई थीं कि आकाश आनंद ने उनके इस पोस्ट को रीपोस्ट नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा था कि अशोक सिद्धार्थ ने संन्यास लेने का एलान करने से पहले इस फैसले को रोकने की कोशिश की और खुद के हित को आगे रखा।
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बता दें कि आकाश आनंद को हटाने के बाद मायावती अब उनके ही छोटे भाई ईशान आनंद को अहम भूमिका दे चुकी हैं। आकाश को हटाने के बाद से मायावती ने ना सिर्फ कई पोस्ट किए हैं बल्कि मीडिया के सामने आकर भी बयान दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि आकाश आनंद ने उनके घर पर फोन करके उनकी सेहत के बारे में गलत बातें कही थीं।
आकाश आनंद ने क्या लिखा है?
लंबे समय के बाद X पर किए पोस्ट में आकाश आनंद ने लिखा है, 'परम आदरणीय बहन जी, आप मेरी राजनैतिक गुरु हैं, मेरी प्रेरणा हैं और मेरी बुआ मां भी हैं। राजनीति में मैंने जो कुछ सीखा, वह आप से ही सीखा, जो कुछ किया, आपके मार्गदर्शन में किया। इसलिए आज अपनी बात सीधे आपके सामने और पूरे बहुजन समाज के सामने रखना चाहता हूं। पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया में मेरे बारे में कई तरह की ख़बरें और अफ़वाहें चल रही हैं। मैं साफ़ कर देना चाहता हूं: मैं किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहा। न आज, न कभी। BSP मेरे लिए सिर्फ़ एक पार्टी नहीं, मेरा परिवार है।'
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उन्होंने आगे लिखा है, 'अशोक सिद्धार्थ जी को पार्टी से निकालने और उनके संन्यास का आपका फ़ैसला पूरी तरह उचित है और मैं उस फ़ैसले के साथ खड़ा हूं। रिश्ते अपनी जगह हैं पर मिशन उनसे बड़ा है। व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों से ऊपर पार्टी और आंदोलन का हित रखना मेरी ज़िम्मेदारी है। उस समय मैंने ख़ुद को सोशल मीडिया से दूर कर लिया था, इसलिए आपके उस पोस्ट को रिपोस्ट नहीं कर पाया। मेरी उस चुप्पी को ग़लत समझा गया और अफ़वाहों को जगह मिली। अगर इससे आपको ठेस पहुंची है, तो मैं उसके लिए आपसे क्षमा चाहता हूं।'
फिर अवसर चाहते हैं आकाश आनंद
एक बार फिर अवसर मांगते हुए आकाश आनंद ने लिखा है, 'मैं सिर्फ़ आपके नेतृत्व में फिर से पार्टी और मिशन की सेवा का अवसर चाहता हूं। विश्वास शब्दों से नहीं, काम से बनता है और मैं उसे अपने आचरण और अपनी मेहनत से साबित करूंगा। बाबा साहेब का मिशन, मान्यवर साहेब का रास्ता, और आपका नेतृत्व। यही मेरी राजनीति है।'
