कांग्रेस पार्टी ने बीते दिनों पंजाब के प्रभारी भूपेश बघेल को हटाकर राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को पंजाब का प्रभार दिया था। इसके बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि क्या सचिन पायलट पंजाब कांग्रेस को एकजुट करने में सफल हो पाएंगे। अपनी नियुक्ति के कुछ दिन बाद ही सचिन पायलट की राह आसान होती हुई नजर आ रही है। पिछले कई महीनों से पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को हटाने की मांग कर रहे नेताओं के सुर अब बदले हुए नजर आ रहे हैं। सचिन पायलट से मीटिंग के बाद सुखजिंदर रंधावा और चरनजीत सिंह चन्नी संतुष्ट नजर आए और उन्होंने कहा कि सभी मिलकर पंजाब में सरकार बनाएंगे।
नवनियुक्त प्रभारी से मुलाकात के लिए पंजाब कांग्रेस के नेता दिल्ली दौड़ लगा रहे हैं। कांग्रेस प्रधान के खिलाफ पूर्व सीएम चरनजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में बने गुट के सबसे अहम नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने आज सचिन पायलट से मुलाकात की। इस मुलाकात में पंजाब कांग्रेस और राजस्थान कांग्रेस को लेकर चर्चा हुई।
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क्या मान गए रंधावा?
सुखजिंदर रंधावा ने इस मीटिंग के बाद मीडिया से बातचीत की ओर उनके सुर अब पूरी तरह से बदले हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने साफ कह दिया कि उन्होंने पंजाब कांग्रेस के प्रधान को हटाने की मांग कभी की ही नहीं थी। सचिन पायलट के साथ करीब एक घंटे की मुलाकात के बाद यह बयान सामने आया है।
सुखजिंदर रंधावा ने सचिन पायलट को कांग्रेस का पंजाब इंचार्ज बनाए जाने पर शुभकामनाएं दी। उनसे जब पूछा गया कि आपने पीसीसी प्रधान को बदलने की मांग की थी। इस पर सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि मैंने कभी प्रधान को हटाने की मांग नहीं की। उन्होंने कहा कि मैंने या चन्नी ने किसी ने भी प्रधान बदलने को बदलने के लिए नहीं कहा। उन्होंने कहा कि अब सारे कांग्रेस नेता एकजुट हो गए हैं।
चन्नी भी मान गए?
पूर्व सीएम चरनजीत सिंह चन्नी ने सचिन पायलट की नियुक्ति को लेकर कहा कि उनके आने से कांग्रेस को एक नई उम्मीद मिली है। उन्होंने सचिन पायलट के आने के बाद कहा, 'कांग्रेस पार्टी जिस तरह के फैसले ले रहे हैं उससे आने वाले दिनों में हमारी सरकार बनेगी।' सचिन पायलट की नियुक्ति को लेकर चन्नी ने कहा कि सचिन पायलट के आने से पंजाब कांग्रेस में नई उम्मीद जागी है और आने वाले समय में हम अच्छे से काम करेंगे। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट अच्छे नेता हैं और वह हम सभी को एक साथ लेकर चलने में सक्षम हैं।
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क्या खत्म हो गई कलह?
पंजाब में कांग्रेस का एक गुट लंबे समय से राजा वडिंग को हटाने की मांग कर रहा था। पूर्व सीएम चन्नी खुद प्रधान बनने की लाइन में थे लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने उनकी मांग को खारिज कर दिया। उन्हें कैंपेन कमेटी की जिम्मेदारी दी गई लेकिन इसके बाद वह कई नेताओं के साथ कांग्रेस आलाकमान से फैसले पर पुनर्विचार करने का दबाव बनाने लगे। प्रभारी भूपेश बघेल ने कलह शांत करवाने की कोशिश की लेकिन उन्हें भी विरोध का सामना करना पड़ा। प्रभारी पर भी एकतरफा फैसले लेने के आरोप लगे और चन्नी गुट ने उनसे दूरी बना ली। इसके बाद अब कांग्रेस आलाकमान ने भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी बना दिया।
