सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर लगातार पक्ष और विपक्ष के लिए प्रासंगिक बने हुए हैं। वह जितने जरूरी बीजेपी के लिए हैं तो उतने ही जरूरी समाजवादी पार्टी के लिए भी हैं। यही वजह है कि वह योगी आदित्यनाथ की पहली सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे, इसके बाद उन्होंने मंत्री पद छोड़कर सपा का साथ चुना। सपा के साथ में राजभर 2019 का लोकसभा चुनाव लड़े। इसके बाद वह 2022 का विधानसभा चुनाव लड़े और 8 विधायक जीतकर विपक्ष की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बने। मगर, समय बीतने के साथ ही वह एक बार फिर से बीजेपी के पाले में चले गए और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बन गए।
बीजेपी के साथ रहने हुए ओपी राजभर लगातार सपा और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर हमले कर रहे हैं। इन घटनाक्रमों के बीच राजभर लगातार मीडिया और सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहे हैं। पिछले एक महीने से राजभर सपा प्रमुख को नसीहतें, तंज, हमला करते हुए रोजाना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर रहे हैं। हालांकि, एक महीने से ही समाजवादी पार्टी ओपी राजभर के इन पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें नजरअंदाज कर रही है।
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सपा की छवि को नुकसान पहुंचा रहे राजभर
सपा राजभर को भले ही सोशल मीडिया पर नजरअंदाज कर रही है लेकिन सच्चाई यह है कि वह जिस तरह से हमले कर रहे हैं उससे सपा की छवि को नुकसान हो रहा है। यही वजह है कि शुक्रवार को पूर्व मंत्री समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और 7 बार के विधायक ओम प्रकाश सिंह दिल्ली में ओम प्रकाश राजभर से मिले। इस मुलाकात की फोटो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
राजभर को मनाने की कोशिश में सपा नेता
सियासी गलियारों में इस फोटो की खासी चर्चा है। मंत्री ओम प्रकाश राजभर और सपा नेता की मुलाकात को लेकर माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी चुनाव से पहले समीकरणों को साध रही है। राजभर जो सोशल मीडिया पर सपा के खिलाफ अभियान छेड़े हुए हैं, उसको बहुत कम ही लोग देख और पढ़ रहे हों मगर उनके बयान मीडिया में सुर्खियों में बने हुए हैं।
सपा के ऊपर लगाए जाने वाले राजभर के आरोपों को लेकर उदयवीर सिंह सहित वरिष्ठ नेताओं को सफाई देनी पड़ती है।
राजभर के ऊपर पड़ा मुलाकात का असर
दरअसल, इन्हीं वजहों से सपा के वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश सिंह ने दिल्ली में राजभर से मुलाकात की है, जिससे वह सपा पर हमले बंद कर दें। साथ ही सपा आने वाले चुनाव में राजभर को अपने साथ में लेकर पूर्वांचल की एक दर्जन सीटों पर अपना दावा मजबूत कर सकती है। माना जा रहा है कि सपा ने राजभर से मुलाकात करके उनके साथ में सभी संभावनाओं को लेकर बात की है। इस मुलाकात को असर ओपी राजभर के ऊपर पड़ा भी है।
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धीमा किया सपा पर हमला
जो ओपी राजभर एक महीने से सपा और अखिलेश यादव के खिलाफ एक्स पर मोर्चा खोले हुए थे। वह सुबह होते ही 8:30 से 9 बजे के बीच में एक पोस्ट डाल दिया करते थे उन्हीं राजभर ने पिछले दो दिनों से सपा के ऊपर कोई पोस्ट नहीं की है। वह एक्स छोड़कर मीडिया में सपा को लेकर बयान दे रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि SBSP भी चुनावों से पहले सभी संभावनाओं को तलाश रही है।
मंत्री ओपी राजभर बीजेपी के साथ गठबंधन में रहते हुए अधिक सीटों की मांग कर सकते हैं और समाजवादी पार्टी के साथ जाने पर भी वैसी ही मांग कर सकते हैं। उनकी पूछ दोनों ही दलों में है। यह बात राजभर भलीभांति जानते हैं। यही वजह है कि वह दोनों दलों में अपनी संभावनाएं तलाश रहे हैं। चुनाव नजदीक आते ही उन्हें जहां अधिक सीटें मिलेंगी वह उस गठबंधन में जा सकते हैं।
