शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बागी सांसदों को लेकर दिए गए अपने विवादित बयान पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि महाराष्ट्र में जिस तरह की भाषा बोली जाती है उन्होंने उसी का प्रयोग किया है। बुधवार को मीडिया से बातचीत में राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में लोग रोजमर्रा की बातचीत में इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अच्छी तरह पता है कि किस मंच पर कैसी भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए। राउत ने कहा कि वह 'सामना' के संपादक हैं और भाषा की समझ रखते हैं।

 

दरअसल मीडिया से बात करते हुए संजय राउत ने बागी सांसदों को 'बेईमान' और 'गद्दार' करार दिया था। इस दौरान उन्होंने बेहद आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए पत्रकारों से कहा कि उनकी बातों को बीप या काटा न जाए। जिसके बाद उनकी भाषा को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।

 

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संजय राउत की सफाई

संसदीय मर्यादा पर उठे सवालों के जवाब में संजय राउत ने कहा कि संसद में इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार करता है, बेईमानी करता है या पैसे लेकर पार्टी छोड़ देता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे लोगों को क्या बिना किसी जवाबदेही के छोड़ दिया जाना चाहिए।

 

बागी सांसदों के लिए इस्तेमाल की गई कथित आपत्तिजनक भाषा पर संजय राउत ने कहा, 'मराठी भाषा में हम ऐसे शब्द इस्तेमाल करते हैं। इसमें गलत क्या है? मुझे अच्छी तरह पता है कि कब और किससे कैसी भाषा में बात करनी है। इंसान वही भाषा समझता है, जो उसे समझ में आए। मैंने संसद में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया है। जो व्यक्ति 15 करोड़ रुपये लेकर पार्टी छोड़ देता है, उसे आप क्या कहेंगे? क्या ऐसे लोगों पर फूल बरसाए जाएंगे?'

 

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'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चा तेज

संजय राउत ने साफ किया कि अभी तक किसी सांसद ने आधिकारिक तौर पर पार्टी छोड़ने या असहमति जताने की जानकारी नहीं दी है। हालांकि, इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पार्टी ने सभी सांसदों की बैठक बुलाई है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चा तेज है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि शिवसेना (UBT) के नौ में से सात सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के संपर्क में हैं और सत्तारूढ़ दल में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, अब तक किसी भी तरह की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।