तृणमूल कांग्रेस (TMC) अध्यक्ष ममता बनर्जी को दो दिन में दो बड़े झटके लगे। बुधवार को विधायक मदन मित्रा और गुरुवार को राज्यसभा सांसद रुक्मिणी मलिक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। मदन मित्रा ने जहां टीएमसी के बागी गुट को ज्वाइन किया है तो वहीं रुक्मिणी ने बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि रुक्मिणी बीजेपी में जा सकती है।

 

रुक्मिणी के इस्तीफे के बाद पूर्व सीएम ममता बनर्जी की पहली प्रतिक्रिया है। उन्होंने कहा, 'मैं उन सभी नेताओं से अपील करती हूं जो दबाव में आकर पाला बदलना चाहते हैं... वे 21 जुलाई से पहले ऐसा कर लें। हमारी पार्टी को बदनाम न करें।' बता दें कि 21 जुलाई को टीएमसी 'शहीद दिवस' रैली की तैयारी में जुटी है।

 

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दरअसल, 1993 में बंगाल की वामपंथी सरकार में पुलिस ने एक विरोध प्रदर्शन में फायरिंग की थी। इसमें 13 यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं जान गई थी। उनकी याद में ही टीएमसी 'शहीद दिवस' मनाती है।

 

 

 

 

रुक्मिणी मलिक के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने कहा, 'मैंने एक सांसद से मुलाकात की। मैं उनका सम्मान करती हूं। उन्होंने पहले ही ईमेल के माध्यम से जानकारी दे दी थी। आज उनकी मुलाकात बीजेपी नेता से हुई। जो लोग दबाव में हैं, वे 21 जुलाई शहीद दिवस से पहले जो भी फैसला लें और जहां चाहें जा सकते हैं। हमारा संविधान हमें अपनी मर्जी से काम करने का अधिकार देता है।'

 

रुक्मिणी मलिक को कोयल मलिक के नाम से भी जाना जाता है। गुरुवार को उन्होंने राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात कर उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा। राज्यसभा में अब टीएमसी सांसदों की संख्या 9 रह गई है। बता दें कि इसी साल मार्च महीने में ही कोयल मलिक अभिनेता से नेता बनी थी। अप्रैल में उन्होंने राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ली थी।

 

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कोयल इस्तीफा देने वाली तृणमूल कांग्रेस की चौथी राज्यसभा सांसद हैं। उनसे पहले तीन अन्य राज्यसभा सांसद भी इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। तीनों को बीजेपी ने उनकी ही खाली सीट से प्रत्याशी बनाया है। अभी तक उनके खिलाफ कोई नामांकन दाखिल नहीं हुआ है। अगर शुक्रवार दोपहर तक कोई नामांकन दाखिल नहीं होता तो यह तीनों नेता दूसरी बार निर्विरोध राज्यसभा सदस्य बन जाएंगे।