सनातन धर्म के लाखों लोग दीपावली त्योहार का बेसब्री से इंतजार करते हैं। इस त्योहार में जहां एक तरफ मां लक्ष्मी की विधिवत ढंग से पूजा की जाती है, वहीं दूसरी तरफ परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों को मिठाई और गिफ्ट देकर उत्सव मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान राम 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे। इसी खुशी में अयोध्या समेत पूरे देश में दीये जलाकर हंसी-खुशी से त्योहार मनाया जाता है।

 

दीपावली त्योहार पर लाखों लोग भगवान राम के साथ-साथ मां लक्ष्मी और गणेश जी की विधिवत पूजा करते हैं, ताकि लोगों के घर में सुख, शांति और धन-संपत्ति का वास हो। ऐसे में लोगों को शुभ मुहूर्त में ही पूजा करनी चाहिए। इस साल कई लोगों को त्योहार की सही तारीख और पूजा के मुहूर्त को लेकर कन्फ्यूजन है, तो आइए जानते हैं।

 

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कब मनाई जाएगी दीपावली?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक महीने की अमावस्या तिथि पर दीपावली का त्योहार मनाया जाता है। इस हिसाब से इस साल 8 नवंबर को अमावस्या तिथि है। इस दिन अमावस्या सुबह 11 बजकर 27 मिनट पर शुरू होकर 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर खत्म होगी। अमावस्या 8 और 9 नवंबर दोनों दिन है। दीपावली के दिन शाम के समय मां लक्ष्मी और गणेश भगवान की पूजा की जाती है। इस वजह से इस साल 8 नवंबर को दीपावली का त्योहार मनाना शुभ रहेगा।

लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त

धार्मिक जानकारों के अनुसार, दीपावली के दिन प्रदोष काल में भक्तों को मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा करनी चाहिए। माना जाता है कि इस समय पूजा करने से लोगों पर मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है। इस हिसाब से देखें तो 8 नवंबर को शाम 5 बजकर 31 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 9 मिनट तक प्रदोष काल रहेगा। इसी समय लोगों को मां लक्ष्मी और गणेश भगवान की विधिवत पूजा करनी चाहिए।

 

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लक्ष्मी पूजन की विधि

दीपावली पर भक्तों को अपना घर साफ-सुथरा रखना चाहिए। इस दिन शाम के समय मां लक्ष्मी और गणेश भगवान की पूजा करनी चाहिए। शाम को घर के पूजा स्थान के पास रंगोली बनाएं, जिसके बाद एक छोटी-सी चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं। इसी पर गणेश भगवान और मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें। इनके साथ ही कुबेर भगवान और मां सरस्वती की प्रतिमा भी स्थापित करें।

 

इसके बाद देवी-देवताओं की प्रतिमाओं पर फूलों की माला पहनाएं। मां लक्ष्मी के समक्ष कमल के फूल अर्पित करें। इसके साथ ही महिलाओं को सुहाग की चीजें चढ़ानी चाहिए। इसके बाद मिठाइयां, फल, खीर और बताशे चढ़ाएं। पूजा के दौरान घी का दीया जलाएं। पूजा खत्म होने के बाद मां लक्ष्मी की आरती करें।

 

नोट: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।