भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा, अंकुश पंघाल और नरेंदर बेरवाल ने रविवार (27 सितंबर) को क्वार्टर-फाइनल में शानदार जीत दर्ज कर देश के लिए तीन मेडल पक्के किए, जबकि सचिन सिवाच का अभियान अंतिम आठ चरण में समाप्त हो गया। पिछले महीने ग्लास्गो में कॉमनवेल्थ गेम्स का गोल्ड जीतने वाले अंकुश ने मेंस 80 किग्रा क्वार्ट-रफाइनल में ताजिकिस्तान के नेकरूज सालिमोव के खिलाफ 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज कर शुरुआत की। 

 

नरेंदर (90 किग्रा प्लस) ने पिछले चरण के अपने ब्रॉन्ज मेडल में एक और मेडल जोड़ लिया। थाईलैंड के अद्थापोंग साएंगटेप के खिलाफ क्वार्टर-फाइनल मुकाबले में दो मिनट से भी कम समय में रेफरी ने मुकाबला रोक (RSC) दिया। भारत के सुपर हैवीवेट मुक्केबाज ने अपने थाई प्रतिद्वंद्वी पर जोरदार मुक्कों की बौछार कर दी, जिससे रेफरी को मुकाबला रोकने से पहले साएंगटेप को तीन स्टैंडिंग काउंट देने पड़े।

 

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परवीन ने उज्बेकिस्तानी मुक्केबाज को हराया

परवीन ने उज्बेकिस्तान की वर्ल्ड चैंपियनशिप सिल्वर मेडलिस्ट नवबखोर खामिदोवा को 5-0 से हराकर विमेंस 65 किग्रा सेमीफाइनल में जगह बनाई। पिछले एशियन गेम्स में परवीन का ब्रॉन्ज मेडल उनसे छीन लिया गया था। ऐसा इसलिए, क्योंकि एंटी-डोपिंग एजेंसी (वाडा) ने ठिकाने की जानकारी देने में विफल रहने के कारण उन पर प्रतिबंध लगा दिया था। 

 

हरियाणा की मुक्केबाज का यह इस एशियन गेम्स में पहला मुकाबला था, क्योंकि पिछले दौर में उन्हें वॉकओवर मिला था। हालांकि परवीन ने खामिदोवा पर मुक्कों की झड़ी लगाते हुए शानदार प्रदर्शन किया।  दूसरी तरफ कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन सचिन का सफर खत्म हो गया। वह मेंस 60 किग्रा क्वार्टर-फाइनल में जापान के लोकल फेवरेट शुनसुके कितामोटो से 0-5 से हार गए।

 

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अंकुश के सामने नहीं टिक पाया तजाकिस्तानी मुक्केबाज

अंकुश ने सलीमोव को पूरी तरह पछाड़ते हुए दबदबे वाला प्रदर्शन किया और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। एशियन गेम्स में डेब्यू कर रहे अंकुश इस तरह अंतिम-चार में पहुंच गए और कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया। हरियाणा के इस मुक्केबाज ने मजबूत शुरूआत की और सीधे बाएं और दाएं हुक जैसे सटीक पंच लगाकर सालिमोव को दबाव में रखा। 

 

सालिमोव ने पलटवार की कोशिश की लेकिन उनके हमलों में दम नहीं था। पहले दौर में सभी पांच जजों का फैसला अंकुश के पक्ष में रहा।  दूसरे दौर में भी उन्होंने यही लय बनाए रखी और फिर पांचों जज के स्कोरकार्ड पर यह दौर भी अपने नाम किया।  आखिरी दौर में भी सालिमोव पर दबाव बना रहा। ताजिकिस्तान के मुक्केबाज ने गति बढ़ाकर कुछ पंच लगाए लेकिन अंकुश पहले ही अपनी स्थिति काफी मजबूत कर चुके थे। उन्होंने 5-0 से जीतकर इस एशियाड में मुक्केबाजी में भारत का पहला मेडल पक्का कर दिया।