भारत और अफगानिस्तान के बीच तीसरा और आखिरी वनडे चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेला जा रहा है। इस मुकाबले में अफगानी टीम के कप्तान हशमतुल्लाह शहीदी ने शतक जड़ दिया है। चेन्नई की उमस भरी गर्मी और खतरनाक बॉलिंग अटैक के सामने शहीदी ने गजब की फाइट दिखाई और अपने वनडे इंटरनेशनल करियर का पहला शतक पूरा किया। वह असगर अफगान और नवरोज मंगल के बाद वनडे में सैकड़ा ठोकने वाले तीसरे अफगानी कप्तान हैं।
असगर अफगान ने 2017 में आयरलैंड के खिलाफ शारजाह में 164 रन की पारी खेली थी। इसके बाद से कोई अफगानिस्तान का कप्तान वनडे शतक नहीं लगा सका था। शहीदी ने चेपॉक में अफगानिस्तान की पारी के 44वें ओवर में वॉशिंगटन सुंदर की गेंद को बैकवर्ड पॉइंट और शॉर्ड थर्ड के बीच गैप में डाल इस सूखे को खत्म किया। उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए 128 गेंदों का सामना किया।
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अफगानिस्तान को संकट से निकाला
टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी अफगानिस्तान की शुरुआत खराब रही थी। प्रसिद्ध कृष्णा ने धारदार गेंदबाजी करते हुए पावरप्ले में ही अफगानी टीम को 4 झटके दे दिए थे। शहीदी ने अजमतुल्लाह ओमरजई के साथ मिलकर अपनी टीम को मुसीबत से निकाला। दोनों के बीच 105 रन की साझेदारी हुई। ओमरजई 56 गेंद में 50 रन की आक्रामक पारी खेलकर आउट हुए। उनके जाने के बाद शहीदी को अनुभवी ऑलराउंडर मोहम्मद नबी का साथ मिला।
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शतक से चूक सकते थे शहीदी
शहीदी और नबी ने अफगानिस्तान को 37 ओवर में 200 के करीब पहुंचा दिया था। टीम सम्मानजनक स्कोर की ओर बढ़ती दिख रही थी लेकिन नबी के आउट होते ही अचानक उसकी पारी बिखर गई। अफगानिस्तान ने 8 रन बनाने में नबी समेत 3 विकेट गंवा दिए। लग रहा था कि शहीदी एक छोर पर ही खड़े रह जाएंगे और शतक पूरा करने से चूक जाएंगे।
नंबर-11 जियाउर रहमान ने उनका बखूबी साथ दिया, जिससे वह माइलस्टोन तक पहुंचने में सफल रहे। हालांकि शतक पूरा करते ही शहीदी बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में अपना विकेट गंवा बैठे और अफगानिस्तान की पारी 44.2 ओवर में 218 पर सिमट गई। उनका विकेट प्रसिद्ध कृष्णा ने लिया और अपना 5 विकेट हॉल पूरा किया। गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव और हर्ष दुबे को 1-1 सफलता मिली। भारतीय टीम यह सीरीज जीत चुकी है। उसे क्लीन स्वीप करने के लिए 219 रन बनान हैं।


