भारत और अफगानिस्तान के बीच इकलौता टेस्ट मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में जारी है। इस मुकाबले में टीम इंडिया टॉस जीतकर पहले बैटिंग कर रही है। भारतीय टीम में केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, ऋषभ पंत, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज जैसे बड़े खिलाड़ियों की मौजूदगी के बावजूद स्टेडियम खाली नजर आ रहा है। भीषण गर्मी के चलते दर्शक बेहद कम संख्या में आए हैं। 

 

मुल्लांपुर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आस-पास है, जिससे खिलाड़ियों का हाल भी बेहाल है। यह देख सोशल मीडिया यूजर्स ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की लानत-मलामत शुरू कर दी है। लोगों का कहना है कि जून की गर्मी में उत्तर भारत में टेस्ट मैच कराना किसके दिमाग की उपज है? बता दें कि मुल्लांपुर में स्थित पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के इस नए स्टेडियम में पहली बार टेस्ट मैच खेला जा रहा है। दर्शकों की कम संख्या की एक वजह यह भी बताई जा रही है।

 

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चेन्नई या बेंगलुरु में टेस्ट मैच कराने की सलाह

मुल्लांपुर में खाली स्टेडियम देख लोगों ने BCCI को सलाह दी है कि आगे से गर्मी के सीजन में दक्षिण भारत में टेस्ट मैच आयोजित होना चाहिए। इसके लिए उन्होंने चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम और बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम का नाम सुझाया है। 

 

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टेस्ट क्रिकेट को मेन सेंटर्स तक ही सीमित किया जाए...

भारत ने अपना पिछला टेस्ट गुवाहाटी में खेला था, तब बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम ने पहली बार टेस्ट मैच होस्ट किया था। वह भारत का 30वां टेस्ट वेन्यू बना था। अब मुल्लांपुर देश का 31वां टेस्ट वेन्यू बना है। छोटे शहरों में दर्शकों की कम दिलचस्पी के चलते टेस्ट क्रिकेट को मेन सेंटर्स तक ही सीमित करने की चर्चा एक बार फिर शुरू हो गई है। भारत के 5 मेन सेंटर्स दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, और कानपुर हैं। विराट कोहली भी अपनी कप्तानी के कार्यकाल के दौरान यह बात कह चुके हैं कि भारत में टेस्ट क्रिकेट मेन सेंटर्स पर ही खेला जाना चाहिए।