इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल टूर के दौरान टीम इंडिया को कुछ कड़वे सबक मिले हैं। ऐसे में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) 2027 ICC वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए पुरुष टीम के लिए एक रोडमैप बनाने की योजना बना रहा है। इस प्लान में खिलाड़ियों की चोट से बचाव यानी इंजरी मैनेजमेंट पर सबसे ज्यादा जोर रहेगा। इसके लिए BCCI सचिव देवजीत सैकिया एक अहम मीटिंग रखी है, जिसमें कप्तान शुभमन गिल , हेड कोच गौतम गंभीर, क्रिकेट प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण और  चयन समिति के मुखिया अजित अगरकर शामिल होंगे। 

 

2027 में साउथ अफ्रीका में अक्टूबर-नवंबर के दौरान होने वाले वर्ल्ड कप की तैयारियों में एक बड़ा मुद्दा खिलाड़ियों का वर्कलोड मैनेज करना होगा। एक और व्यस्त कैलेंडर के आखिर में गर्मियों में IPL होने वाला है, इसलिए टीम मैनेजमेंट वर्कलोड मैनेजमेंट के लिए एक सोच-समझकर बनाया गया प्रोग्राम चाहता है, क्योंकि उन्हें डर है कि वर्ल्ड कप की तैयारी के अहम समय पर फिटनेस की समस्याओं की वजह से वे फिर से खिलाड़ियों को खो सकते हैं।

 

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सितंबर से शुरू होगी वनडे सीरीज 

सितंबर के आखिर में भारत बनाम वेस्टइंडीज़ वनडे सीरीज का आगाज होगा, इसमें वेस्टइंडीज के खिलाफ 3 वनडे होम ग्राउंड में, इसके बाद न्यूजीलैंड में 5 वनडे, और अगले साल की शुरुआत में श्रीलंका और जिम्बाब्वे के खिलाफ 3-3 वनडे होम ग्राउंड में शामिल हैं। इन 50-ओवर मैचों से पहले और बीच में, अफगानिस्तान, वेस्टइंडीज, न्यूज़ीलैंड और श्रीलंका के खिलाफ T20I भी होंगे। इसके अलावा, टीम को दो अहम टेस्ट सीरीज भी खेलनी हैं, एक न्यूजीलैंड में, और फिर अगले IPL से पहले घर में 5 मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी।

खिलाड़ियों की फिटनेस की बात

इतने भरे-पूरे शेड्यूल को देखते हुए यह बड़ा सवाल है कि क्या खिलाड़ियों को फिटनेस प्रोग्राम पर काम करने के लिए पर्याप्त समय मिल पाएगा। पता चला है कि टीम के स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच एड्रियन ले रॉक्स पहले ही वर्ल्ड कप को ध्यान में रखकर प्लान बना चुके हैं। मकसद यह है कि खिलाड़ी टूर्नामेंट के वक्त अपनी बेस्ट फिटनेस में हों। इसीलिए वनडे कप्तान गिल को भी मीटिंग में बुलाया गया है, ताकि वे खिलाड़ियों की बात भी रख सकें। 

 

खिलाड़ी खुद भी मानते हैं कि व्यस्त शेड्यूल की वजह से उन्हें फिटनेस पर काम करने का पूरा समय नहीं मिल पाता। बता दें कि ज़्यादातर भारतीय खिलाड़ियों का पिछले महीने ही CoE (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) में फिटनेस टेस्ट हो चुका है, और अब उन पर नियमित रूप से नजर रखी जाएगी।

 

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खिलाड़ियों के बार-बार चोटिल होने की वजह से BCCI चाहता है कि सभी लोग एक ही राय पर आएं। हाल ही में अहम दौरों से पहले कई खिलाड़ी चोटिल हुए, जिससे BCCI और CoE को आलोचना झेलनी पड़ी। इसके अलावा, खिलाड़ियों का CoE पर भरोसा भी कम दिख रहा है। खिलाड़ियों, CoE और चयन समिति के बीच तालमेल की कमी भी साफ नजर आई, जैसे

बुमराह के दौरे के लिए फिट न होने की बात चयन समिति को टाइम पर नहीं बताई गई थी।

 

अगर अभी से वर्कलोड मैनेजमेंट पर सही ढंग से काम नहीं हुआ, तो अगले IPL के बाद फिर वही दिक्कत आ सकती है। IPL के बाद का शेड्यूल अभी तय नहीं है, लेकिन बांग्लादेश में एशिया कप होना पक्का है। वनडे की अहमियत बढ़ने के साथ, टीम मैनेजमेंट चाहता है कि सिर्फ गेंदबाजों को जरूरत पड़ने पर आराम मिले, बाकी हमेशा बेस्ट प्लेइंग इलेवन ही उतरे। 

हार की समीक्षा

इस मीटिंग में आयरलैंड और इंग्लैंड में भारत की T20 हार की भी समीक्षा होगी, क्योंकि भारत नहीं चाहता कि ऐसी कहानी दोबारा दोहराई जाए, जो वर्ल्ड कप की प्लानिंग को खतरे में डाल सकती है। भारत जून में आयरलैंड में 2 मैचों की T20I सीरीज 2-0 से हार गया, इस हार के साथ ही मौजूदा T20 वर्ल्ड चैंपियन टीम की करीब 3 साल से चली आ रही 16 सीरीज की अजेय स्ट्रीक भी टूट गई।