अपने घर में टी20 वर्ल्ड कप खिताब को डिफेंड करने के बाद पहली बार इस फॉर्मेट में मैदान पर उतरी टीम इंडिया को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है। आयरलैंड दौरे पर दो मैचों की टी20 सीरीज खेलने गई भारतीय टीम पहला मुकाबला 34 रन से गंवा बैठी है। भारत के खिलाफ टी20 में आयरलैंड की यह पहली जीत रही। अब वह ऐतिहासिक सीरीज जीत की दहलीज पर खड़ा है। टीम इंडिया दूसरे और आखिरी टी20 को जीत सीरीज ड्रॉ कराना चाहेगी।

 

आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में मिली हार ने भारतीय टीम मैनेजमेंट के कान खड़े कर दिए हैं। अब लगभग हर डिपार्टमेंट में सर्जरी होने वाली है। बैटिंग में मिडिल ऑर्डर और लोअर ऑर्डर में बदलाव की जरूरत है। साथ ही स्पिन डिपार्टमें में नए विकल्पों की ओर रुख किया जा सकता है।

 

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तिलक वर्मा और शिवम दुबे का कटेगा पत्ता?

टीम इंडिया के बैटिंग ऑर्डर में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की फौज है। अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, तिलक वर्मा और शिवम दुबे रेगुलर प्लेइंग-XI में नजर आते हैं, जिससे विपक्षी टीमों को रणनीति बनाने में आसानी होती है। अभिषेक और ईशान बेहतरीन फॉर्म में हैं। ऐसे में उनकी जगह को खतरा नहीं है। वहीं उप-कप्तान तिलक वर्मा और शिवम दुबे के प्रदर्शन में आई निरंतरता की कमी ने उनकी जगह पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

तिलक आयरलैंड के खिलाफ पहले मुकाबले में 21 गेंद खेलकर 19 रन ही बना सके। टी20 वर्ल्ड कप के शुरुआती मैचों में भी धीमी बल्लेबाजी के चलते उनकी काफी आलोचना हुई थी। हाल ही में श्रीलंका में हुई ए-टीम वनडे ट्राई सीरीज में भी वह खुलकर नहीं खेल सके थे। इस सीरीज में तिलक इंडिया-ए की कप्तानी कर रहे थे। वह रन बनाने के मामले में दूसरे पायदान पर थे लेकिन उनका स्ट्राइक रेट सिर्फ 74.93 का था, जो मॉडर्न-डे क्रिकेट में बेहद खराब है। 

 

टी20 फॉर्मेट में भी तिलक शुरुआत में कुछ समय लेते हैं। अब वह टीम इंडिया के लिए जिस नंबर (पांचवें या छठे) पर आ रहे हैं, वहां आते ही बड़े शॉट खेलने की दरकार रहती है। यही हाल शिवम दुबे का भी है। वह भी कुछ गेंदें खेलने के बाद ही बड़ा शॉट खेलने का प्रयास करते हैं, जिससे मोमेंटम छीन जाता है। मैनेजमेंट दोनों के अप्रोच को ध्यान से देख रहा होगा।

 

शिवम दुबे और प्रसिद्ध कृष्णा, Photo Credit: BCCI/X

हार्दिक के साथ फिनिशर कौन?

स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को टी20 टीम से फिलहाल दूर रखा जा रहा है, ताकि वह अपना पूरा ध्यान वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट और 2027 वर्ल्ड कप की तैयारियों पर केंद्रित कर सकें। उनकी गैरमौजूदगी में पेस बॉलिंग ऑलराउंडर के तौर पर नीतीश कुमार रेड्डी फर्स्ट च्वाइस विकल्प हैं। हालांकि उन्हें लगातार चोट का खतरा बना रहता है। इस सीरीज से भी वह ऐन वक्त पर चोटिल होकर बाहर हो गए। 

 

ऐसे में इस रोल के लिए सूर्यांश शेडगे को आजमाया जा सकता है, जो अपनी फिनिशिंग क्षमता के लिए जाने जाते हैं। साथ ही वह कुछ ओवर पेस बॉलिंग भी कर सकते हैं। नीतीश के रिप्लेसमेंट के तौर पर सूर्यांश को बुलाया तो गया है लेकिन उन्हें बेंच पर नहीं प्लेइंग-XI में रखने की जरूरत है, ताकि जब हार्दिक आएं, तब तक वह एक परिपक्व खिलाड़ी बन चुके हों। हार्दिक के साथ उनकी खतरनाक फिनिशर की जोड़ी बनेगी।

स्पिन डिपार्टमेंट में होगा फेरबदल?

मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती चोटिल होने के चलते इस दौरे पर नहीं हैं। उनकी अनुपस्थिति में अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर पर स्पिन डिपार्टमेंट की जिम्मेदारी है। आयरलैंड के खिलाफ अक्षर ने अच्छी गेंदबाजी की और 4 ओवर में 33 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए। वहीं वॉशिंगटन ने अपने एकमात्र ओवर में 19 रन खर्च दिए। रवि बिश्नोई बेंच गरम कर रहे हैं। उन पर फिर से भरोसा जताया जा सकता है। बिश्नोई को खिलाने पर एक अतिरिक्त बल्लेबाज की कमी खलेगी लेकिन वॉशिंगटन भी इंटरनेशनल क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में मैच विनर नहीं हैं। मैनेजमेंट को वरुण, जिनका फॉर्म गड़बड़ाया है, का विकल्प तैयार करने के लिए रिस्क लेना होगा।

तेज गेंदबाजी पुल को मजबूत करने की जरूरत

जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में अर्शदीप सिंह तेज गेंदबाजी अटैक की अगुवाई कर रहे हैं। हर्षित राणा की वापसी से पेस बॉलिंग यूनिट को मजबूती मिली है लेकिन इस पुल को और मजबूत बनाना होगा। प्रसिद्ध कृष्णा के खिलाफ आयरलैंड के बल्लेबाजों ने 4 ओवर में 57 रन कूट दिए थे। उनकी जगह प्रिंस यादव को आजमाया जा सकता है, जिनका IPL 2026 काफी अच्छा गुजरा था। वह भारतीय टीम के लिए वनडे डेब्यू भी कर चुके हैं। उन्हें चौथे तेज गेंदबाज के विकल्प के लिए तैयार किया जा सकता है।